West Bengal By Election 2026: BJP ने नंदीग्राम से हासिरानी रथ और रेजिनगर से शाखारव सरकार को टिकट दिया है। जानें उपचुनाव की तारीख और पूरा सियासी समीकरण।
West Bengal By Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद खाली हुई दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीट के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया।
बीजेपी ने नंदीग्राम से हासिरानी रथ को टिकट दिया है, जबकि रेजिनगर सीट पर शाखारव सरकार को पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है। नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद हासिरानी रथ के नाम ने खास तौर पर राजनीतिक चर्चा को बढ़ा दिया है।
नंदीग्राम से हासिरानी रथ पर BJP ने जताया भरोसा
बीजेपी ने नंदीग्राम सीट पर हासिरानी रथ को मैदान में उतारा है। वह चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जो पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) रह चुके थे।
विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद मई में चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है और केस में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
हासिरानी रथ मंगलवार को शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल करेंगी। ऐसे में बीजेपी के इस फैसले को नंदीग्राम में एक अहम राजनीतिक दांव के तौर पर देखा जा रहा है।
रेजिनगर से शाखारव सरकार को टिकट
बीजेपी ने रेजिनगर विधानसभा सीट से शाखारव सरकार को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट हुमांयू कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
रेजिनगर में भी मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है, क्योंकि यहां तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, वाम दल और अन्य राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।
6 अक्टूबर को होगा उपचुनाव
चुनाव आयोग ने 9 सितंबर को पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की थी। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा, जबकि वोटों की गिनती और चुनाव परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
उपचुनाव की घोषणा के बाद से ही राजनीतिक दलों की ओर से उम्मीदवारों के चयन को लेकर लगातार मंथन चल रहा था। अब बीजेपी ने भी अपने दोनों प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं।
क्यों खाली हुई नंदीग्राम सीट?
नंदीग्राम सीट का पश्चिम बंगाल की राजनीति में खास महत्व है। यह सीट लंबे समय से शुभेंदु अधिकारी का राजनीतिक गढ़ मानी जाती रही है।
हालिया विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ने नंदीग्राम के अलावा भवानीपुर सीट से भी जीत हासिल की थी। भवानीपुर में उन्होंने टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी को हराया था। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद नंदीग्राम सीट छोड़ दी गई, जिसके बाद इस सीट पर उपचुनाव की स्थिति बनी।
नंदीग्राम में TMC और कांग्रेस ने भी उतारे उम्मीदवार
नंदीग्राम उपचुनाव में बीजेपी के अलावा कई दलों ने अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। टीएमसी ने यहां संचिता प्रधान डे को प्रत्याशी बनाया है।
वहीं टीएमसी के बागी गुट की ओर से मोहम्मद एतेशामुल हक को चुनाव मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस ने मिलन प्रधान, जबकि सीपीआई ने शांति गोपाल गिरी को उम्मीदवार बनाया है। इस तरह नंदीग्राम में मुकाबला कई दलों के बीच होने जा रहा है।
रेजिनगर में भी बहुकोणीय मुकाबला
रेजिनगर सीट पर टीएमसी ने रबीउल आलम को टिकट दिया है। बागी गुट ने सफीउज्जमां शेख को उम्मीदवार बनाया है।
कांग्रेस की ओर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और लेफ्ट की तरफ से सैयद असद अली चुनाव लड़ेंगे। वहीं AJUP ने पूर्व विधायक हुमांयू कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है। इस वजह से रेजिनगर में भी मुकाबला काफी रोचक होने की संभावना है।
नंदीग्राम में ममता बनर्जी को मिली थी हार
नंदीग्राम सीट 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान देशभर में चर्चा में रही थी। उस चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, उस चुनाव में शुभेंदु अधिकारी को 1,27,301 वोट, जबकि टीएमसी उम्मीदवार प्रतिभा कर को 1,17,636 वोट मिले थे।
अब उपचुनाव में बीजेपी ने हासिरानी रथ को टिकट देकर नंदीग्राम की लड़ाई को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। आने वाले दिनों में दोनों प्रमुख सीटों पर प्रचार अभियान तेज होने के साथ मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।

