पंजाब में 13 सितंबर के बाद पावर कट नहीं होने का बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने दावा किया। सभी पावर प्लांट चालू, किसानों को 10 घंटे बिजली मिलेगी।
पंजाब में बिजली कटौती को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने दावा किया है कि 13 सितंबर के बाद राज्य के किसी भी सेक्टर में बिजली कटौती नहीं की जा रही है। उनके मुताबिक, प्रदेश के सभी बिजली संयंत्रों को दोबारा पूरी तरह ऑपरेशनल कर दिया गया है और बिजली आपूर्ति को सामान्य करने के लिए पावरकॉम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगातार काम किया।
घरेलू से कृषि क्षेत्र तक निर्बाध बिजली का दावा
बिजली मंत्री के अनुसार अब पंजाब में घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि – सभी क्षेत्रों को बिना कटौती बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
कृषि क्षेत्र को लेकर उन्होंने बताया कि पहले किसानों को रोजाना करीब 8 घंटे बिजली दी जा रही थी। अब इसे बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन किए जाने का दावा किया गया है। इसका उद्देश्य धान की फसल के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।
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बिजली की मांग में 3500 मेगावाट का इजाफा
तरुणप्रीत सिंह सौंद के मुताबिक इस साल सितंबर में पंजाब की बिजली मांग पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 3500 मेगावाट ज्यादा रही है। इसके बावजूद पावरकॉम उपलब्ध सभी स्रोतों से अधिकतम बिजली उत्पादन कराने का प्रयास कर रहा है।
राज्य में बिजली की कुल मांग लगातार 16 हजार मेगावाट से अधिक बनी हुई है। हाल के दिनों में उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन मांग में उसी अनुपात में कमी नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना सरकार और पावरकॉम के लिए अहम चुनौती बनी रह सकती है।
उद्योगों और किसानों के लिए राहत का दावा
पंजाब में बिजली कटौती को लेकर औद्योगिक संगठनों की ओर से पहले भी चिंता जाहिर की जाती रही है। विशेष रूप से रात के समय बिजली प्रतिबंध से औद्योगिक उत्पादन, लागत और तैयार माल की डिलीवरी प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।
दूसरी ओर, धान के सीजन में किसान भी लगातार पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग करते रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से पावर कट खत्म करने और कृषि क्षेत्र को 10 घंटे बिजली देने का दावा किसानों के लिए राहत भरा हो सकता है।
सभी प्लांट चालू करने पर जोर
बिजली मंत्री ने बताया कि राज्य के सभी बिजली संयंत्रों को चालू करने के लिए पावरकॉम के 200 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात काम किया। सरकार का दावा है कि उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए बिजली उत्पादन बढ़ाया गया है।
हालांकि, बिजली की मांग लगातार 16 हजार मेगावाट के पार रहने के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में पंजाब सरकार और पावरकॉम बिना कटौती के बिजली आपूर्ति को कितनी प्रभावी तरीके से बनाए रख पाते हैं।

