सेक्टर-104 हाजीपुर में नोएडा प्राधिकरण ने 7,950 वर्गमीटर जमीन पर अवैध निर्माण ढहाया। जानें कार्रवाई और पूरे मामले की अहम जानकारी।
नोएडा प्राधिकरण ने अवैध कब्जे और निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर-104 स्थित हाजीपुर में बने अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कानूनी विवाद के चलते लंबे समय से रुकी कार्रवाई का रास्ता अदालत के फैसले के बाद साफ हुआ था।
प्राधिकरण के अनुसार, हाजीपुर के खसरा नंबर-412 में करीब 7,950 वर्गमीटर जमीन पर निर्माण किया गया था। शुक्रवार को अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में इस निर्माण को बुलडोजर की मदद से गिराया गया।
कानूनी अड़चन खत्म होने के बाद हुई कार्रवाई
बताया गया कि संबंधित जमीन को लेकर लंबे समय से न्यायालय में मामला चल रहा था। प्राधिकरण के खिलाफ जारी एक पक्षीय स्थगनादेश के कारण पहले कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।
हाल ही में गौतमबुद्धनगर की अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने प्राधिकरण के खिलाफ जारी स्थगनादेश को खारिज कर दिया। इसके बाद प्राधिकरण के लिए अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।
7,950 वर्गमीटर जमीन पर था निर्माण
नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि खसरा नंबर-412 की जमीन को वर्ष 2002 में अधिग्रहित किया गया था। इसके बावजूद वर्ष 2023 में इस भूमि पर कथित तौर पर पांच मंजिला वाणिज्यिक परिसर का निर्माण शुरू कर दिया गया।
प्राधिकरण ने इसे अधिग्रहित भूमि पर किया गया अनधिकृत निर्माण माना और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि, अदालत से मिले स्थगनादेश के कारण मामला लंबे समय तक अटका रहा।
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प्राधिकरण की टीम के साथ हुई थी अभद्रता
इस मामले में पहले कार्रवाई करने पहुंची नोएडा प्राधिकरण की टीम को कथित तौर पर विरोध का सामना करना पड़ा था। आरोप है कि वर्क सर्किल-8 के प्रबंधक दीपक कुमार को इमारत के भीतर खींच लिया गया और उन पर डीजल डालकर आग लगाने की कोशिश की गई। घटना के बाद प्राधिकरण की ओर से संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी।
पुलिस की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण
शुक्रवार को जब प्राधिकरण की टीम अवैध निर्माण गिराने पहुंची तो कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध करने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया और विरोध कर रहे लोगों को वहां से वापस भेज दिया।ध्वस्तीकरण की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पूरी की गई।
किन कंपनियों ने शुरू किया था निर्माण?
प्राधिकरण के अनुसार, निश्याम बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड और हिमश्री हिमालय बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2023 में इस भूमि पर वाणिज्यिक निर्माण शुरू किया था।
प्राधिकरण ने इसे अपनी अधिग्रहित जमीन पर अनधिकृत निर्माण बताते हुए कार्रवाई की कोशिश की थी, लेकिन अप्रैल 2023 में अदालत से मिले एक पक्षीय स्थगनादेश के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
नोएडा प्राधिकरण का अवैध कब्जों पर अभियान
नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह के अनुसार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने अवैध कब्जों से प्राधिकरण की जमीन मुक्त कराने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
हाजीपुर का यह मामला इसी अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। करीब तीन साल से चल रहे कानूनी विवाद के बाद स्थगनादेश खारिज होने से अब प्राधिकरण की कार्रवाई आगे बढ़ी है।
प्राधिकरण का कहना है कि अधिग्रहित भूमि को अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माण से मुक्त कराने के लिए नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

