TMC Election Symbol Dispute: TMC चुनाव चिन्ह विवाद में चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी और ऋतब्रता बनर्जी को दस्तावेज जमा करने के लिए 16 सितंबर तक अतिरिक्त समय दिया है।
TMC Election Symbol Dispute: तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद में भारत निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रता बनर्जी को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने के लिए और समय दिया है। दोनों पक्ष अब अपने दावे के समर्थन में जरूरी दस्तावेज 16 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव प्रस्तावित हैं। इन उपचुनावों के लिए नामांकन की प्रक्रिया भी 16 सितंबर को समाप्त हो रही है।
तृणमूल के चुनाव चिन्ह पर दोनों पक्षों का दावा
तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह ‘जोड़ा घास फूल’ को लेकर ममता बनर्जी और ऋतब्रता बनर्जी के बीच दावा सामने आया है। दोनों पक्षों की ओर से आगामी उपचुनाव में इसी चुनाव चिन्ह के तहत उम्मीदवार उतारने की बात कही गई है।
अब चुनाव आयोग के सामने यह अहम सवाल है कि पार्टी के आधिकारिक चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल किस पक्ष को करने की अनुमति दी जाए।
चुनाव आयोग ने बढ़ाई दस्तावेज जमा करने की समय सीमा
निर्वाचन आयोग ने दोनों पक्षों को अपने दावों के समर्थन में अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया है। उन्हें संबंधित दस्तावेज 16 सितंबर की दोपहर 3 बजे तक जमा करने होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, आयोग इस मामले में पहले से मौजूद कानूनी और संवैधानिक मिसालों को भी ध्यान में रख सकता है। इसी संदर्भ में शिवसेना से जुड़े चुनाव चिन्ह विवाद का उदाहरण भी सामने आ रहा है।
क्या चुनाव चिन्ह हो सकता है फ्रीज?
सूत्रों के हवाले से संभावना जताई जा रही है कि यदि विवाद का तत्काल समाधान नहीं होता है, तो चुनाव आयोग चुनाव चिन्ह को कुछ समय के लिए फ्रीज कर सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला चुनाव आयोग की ओर से संबंधित दस्तावेजों, दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद लिया जाएगा।
ममता खेमे ने पेश किए संगठनात्मक चुनावों के दस्तावेज
ममता बनर्जी के खेमे की ओर से 2015, 2017 और 2022 में हुए संगठनात्मक चुनावों से जुड़े नए दस्तावेज आयोग को सौंपे गए हैं। इन दस्तावेजों के जरिए यह साबित करने का प्रयास किया गया है कि ममता बनर्जी ही पार्टी की अध्यक्ष हैं। उनके खेमे ने चुनाव आयोग से संबंधित सभी दस्तावेजों को अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने का आग्रह भी किया है।
TMC नेता ने विरोधी दावे पर उठाए सवाल
तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने ऋतब्रता बनर्जी के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को खड़ा करने में करीब 28 साल लगे हैं। नेता ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त दस्तावेज के कुछ ही महीनों में पार्टी पर दावा करना स्वीकार्य नहीं है।
पार्टी की ओर से यह भी कहा गया है कि ऋतब्रता बनर्जी ने 2 जुलाई को पहली बार तृणमूल कांग्रेस पर अपना दावा पेश किया था, लेकिन उनके अनुसार अब तक उस दावे के समर्थन में जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
उपचुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक महत्व
तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह से जुड़ा विवाद पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनावों के मद्देनजर और महत्वपूर्ण हो गया है। नंदीग्राम और रेजिनगर में होने वाले उपचुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव चिन्ह को लेकर आयोग का फैसला दोनों पक्षों के लिए अहम होगा।
फिलहाल चुनाव आयोग के सामने दोनों पक्षों को अपने दावे से संबंधित अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने का अवसर है। इसके बाद आयोग उपलब्ध रिकॉर्ड और दावों की समीक्षा कर आगे का फैसला ले सकता है।

