एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आगाज 27 अक्टूबर से जालंधर में होगा। 1 नवंबर को भारत-पाकिस्तान मुकाबला, सभी मैचों में फ्री एंट्री और 25.40 करोड़ का बजट।
पंजाब में पहली बार एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन होने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस हॉकी टूर्नामेंट की शुरुआत 27 अक्टूबर से होगी और प्रतियोगिता 5 नवंबर तक चलेगी। टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह और शुरुआती लीग मुकाबले जालंधर में आयोजित किए जाएंगे, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले मोहाली में खेले जाएंगे।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को एशियन हॉकी फेडरेशन के अधिकारियों की मौजूदगी में प्रतियोगिता का आधिकारिक लोगो जारी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार टूर्नामेंट को सफल और यादगार बनाने के लिए हर जरूरी तैयारी करेगी।
1 नवंबर को भारत-पाकिस्तान की टक्कर
टूर्नामेंट का सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच होगा। दोनों टीमों की भिड़ंत 1 नवंबर को पंजाब दिवस के मौके पर जालंधर में होगी। यह मुकाबला शाम 7 बजे शुरू होने का कार्यक्रम है।
भारत और पाकिस्तान के बीच हॉकी मुकाबले को लेकर खेल प्रशंसकों में खास उत्साह देखने को मिल सकता है। टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के अलावा जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और चीन की टीमें भी हिस्सा लेंगी।
सभी मुकाबलों में दर्शकों की एंट्री मुफ्त
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की कि चैंपियंस ट्रॉफी के किसी भी मुकाबले के लिए दर्शकों को टिकट खरीदने की जरूरत नहीं होगी। टूर्नामेंट के सभी मैचों में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है।
सरकार का कहना है कि इस पहल का मकसद अंतरराष्ट्रीय हॉकी को आम लोगों और खासकर पंजाब के युवाओं के और करीब लाना है। इससे बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों के स्टेडियम पहुंचने की उम्मीद है।
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टूर्नामेंट पर 25.40 करोड़ रुपये होंगे खर्च
पंजाब सरकार ने प्रतियोगिता के आयोजन के लिए 25.40 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इसमें से करीब 22.96 करोड़ रुपये जालंधर और मोहाली के प्रमुख हॉकी स्टेडियमों के उन्नयन और आवश्यक सुविधाओं पर खर्च किए जाएंगे।
जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम के लिए 14 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम के लिए 8.96 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
पंजाब की हॉकी विरासत को मिलेगा बड़ा मंच
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब और हॉकी का संबंध दशकों पुराना है। उन्होंने संसारपुर, खुसरोपुर और मिट्ठापुर जैसे गांवों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों ने देश को कई प्रतिभाशाली हॉकी खिलाड़ी दिए हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक पंजाब ने देश को 50 से अधिक ओलंपिक पदक विजेता और 10 राष्ट्रीय हॉकी कप्तान दिए हैं। ऐसे में राज्य में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन पंजाब की हॉकी विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर है।
खेल बजट और मैदानों के विकास पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में पंजाब का खेल बजट 1,743 करोड़ रुपये है। राज्य में खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 3,148 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा करीब 6,000 आधुनिक जिम तैयार करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
भगवंत मान ने कहा कि एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का सफल आयोजन पंजाब की खेल क्षमताओं को दुनिया के सामने पेश करेगा। इससे भविष्य में 2030 हॉकी विश्व कप के मुकाबलों की मेजबानी के लिए पंजाब का दावा और मजबूत हो सकता है।
कार्यक्रम में पंजाब हॉकी के अध्यक्ष नितिन कोहली सहित हॉकी और प्रशासन से जुड़े कई अधिकारी मौजूद रहे।

