राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में BJP ने 309 घोषित सीटों में 163 पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 103 सीटें मिलीं। झालावाड़ में कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की।
राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दमदार प्रदर्शन किया है। अब तक घोषित 309 सीटों के परिणामों में भाजपा ने 163 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस के खाते में 103 सीटें आई हैं। वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों ने 43 सीटों पर कब्जा जमाया है।
राज्य में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के लिए हुए चुनावों की मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई थी। इन चुनावों के परिणाम राजस्थान के शहरी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से काफी अहम माने जा रहे हैं।
10 नगर निगमों में BJP का दबदबा
राजस्थान के 10 नगर निगमों में से 8 में भाजपा बढ़त बनाए हुए है। वहीं नगर परिषद और नगर पालिकाओं में भी पार्टी का प्रदर्शन मजबूत नजर आ रहा है।
47 नगर परिषदों में अब तक 27 के परिणाम सामने आ चुके हैं। इनमें भाजपा ने 15 सीटों पर जीत हासिल की है। दूसरी ओर कांग्रेस ने भी 15 नगर परिषदों में बढ़त या जीत दर्ज की है।
252 नगर पालिकाओं में भाजपा 76 पर आगे या विजयी रही है, जबकि कांग्रेस 49 निकायों में आगे है। कई निकायों में निर्दलीय उम्मीदवार भी मुकाबले में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।
जयपुर से अजमेर तक BJP का प्रदर्शन
निकाय चुनाव के दौरान कई बड़े शहरों में भाजपा ने अच्छी बढ़त बनाई है। जयपुर नगर निगम में भाजपा ने अब तक 17 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस के खाते में 6 वार्ड आए हैं।
अजमेर नगर निगम में भाजपा ने 9 वार्ड जीते हैं और कांग्रेस को 6 वार्डों में सफलता मिली है। भीलवाड़ा में भी भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा, जहां पार्टी ने 10 वार्डों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को 2 वार्ड मिले।
वसुंधरा राजे के गढ़ में कांग्रेस की बड़ी जीत
राजस्थान निकाय चुनाव का सबसे चर्चित परिणाम झालावाड़ नगर परिषद से सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के राजनीतिक प्रभाव वाले इस क्षेत्र में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया है।
45 वार्डों वाली झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने 29 वार्ड जीत लिए। भाजपा को 13 वार्डों में सफलता मिली, जबकि 2 निर्दलीय और एक आम आदमी पार्टी (AAP) उम्मीदवार भी विजयी रहे।
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73.56 प्रतिशत हुआ मतदान
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को कराए गए थे। दोनों चरणों को मिलाकर राज्य में 73.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
यह मतदान प्रतिशत पिछले शहरी निकाय चुनाव के मुकाबले तीन प्रतिशत से अधिक रहा। चुनाव में बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी किस्मत आजमाई।
BJP और कांग्रेस ने कितने उम्मीदवार उतारे?
निकाय चुनाव में भाजपा ने 9,290 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, जबकि कांग्रेस की ओर से 9,027 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा।
निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या सबसे ज्यादा रही। कुल 18,732 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इसके अलावा RLP के 948, AAP के 311, BSP के 298, CPI(M) के 185 और BAP के 98 उम्मीदवारों ने भी चुनाव लड़ा।
भजनलाल शर्मा सरकार के लिए क्यों अहम हैं ये नतीजे?
राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद यह शहरी निकाय चुनाव मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री ने कई शहरों में रोड शो और जनसभाएं की थीं।
भाजपा की बढ़त को राज्य के शहरी क्षेत्रों में पार्टी की मजबूत होती पकड़ के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर 10 नगर निगमों में से 8 में बढ़त पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है।
कांग्रेस के लिए भी अहम रहा चुनाव
कांग्रेस के लिए ये चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद अपने संगठन और जमीनी पकड़ को परखने का एक महत्वपूर्ण मौका थे। कई क्षेत्रों में पार्टी ने भाजपा को कड़ी चुनौती दी है।
झालावाड़ में मिली बड़ी जीत कांग्रेस के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र वसुंधरा राजे के राजनीतिक प्रभाव वाला माना जाता है। ऐसे में यहां का परिणाम पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
शहरी राजस्थान के मूड का मिला संकेत
राजस्थान निकाय चुनाव के शुरुआती नतीजों से साफ है कि भाजपा ने राज्य के शहरी इलाकों में मजबूत स्थिति बनाई हुई है। हालांकि, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी कई निकायों में प्रभावी प्रदर्शन किया है।
इन परिणामों से आने वाले समय में राजस्थान की स्थानीय राजनीति, संगठनात्मक रणनीति और शहरी वोट बैंक को लेकर दोनों प्रमुख दलों की दिशा तय होने की उम्मीद है।

