सऊदी अरब पर हूतियों ने मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया। खमीस मुशेत, आभा और ताइफ में हमलों से 13 लोग घायल और कई मकान क्षतिग्रस्त हुए।
यमन संघर्ष के बीच सऊदी अरब में एक बार फिर बड़े हमले की खबर सामने आई है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। हमले में 13 लोगों के घायल होने की जानकारी है, जबकि कई रिहायशी मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हूतियों ने खमीस मुशेत, आभा और ताइफ सहित कई महत्वपूर्ण इलाकों को निशाना बनाया। हमले के बाद सऊदी अरब के प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
सऊदी सैन्य गठबंधन ने हमले की पुष्टि की
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने हमले की पुष्टि की। उनके मुताबिक, खमीस मुशेत क्षेत्र में स्थित एक सैन्य हवाई अड्डे को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई।
बताया गया है कि हमले में बड़ी संख्या में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। सैन्य प्रतिष्ठानों के अलावा विमान हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और गोला-बारूद से जुड़े ठिकाने भी हमलावरों के निशाने पर रहे।
हमले के बाद सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्सों में आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया।
रिहायशी इलाकों में भी पहुंचा हमले का असर
मिसाइल और ड्रोन हमलों से सैन्य ठिकानों के अलावा रिहायशी क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कम से कम सात मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
हमले में घायल हुए लोगों को स्थानीय स्तर पर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
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जवाब में हूती ठिकानों पर एयरस्ट्राइक
सऊदी अरब और यमन की ओर से हूती ठिकानों के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई तेज होने की खबर है। लाल सागर के तट पर स्थित मोचा बंदरगाह के आसपास के क्षेत्रों में हवाई हमले किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस बीच हूती समूह यमन के पश्चिमी तट और लाल सागर के मुहाने के पास स्थित पेरिम द्वीप पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इससे क्षेत्र में पहले से जारी तनाव और बढ़ने की आशंका है।
होर्मुज को लेकर बातचीत पर भी असर
सऊदी अरब पर हुए हमले ऐसे समय में सामने आए हैं जब खाड़ी देशों और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत होनी थी।
रिपोर्ट के अनुसार, इन घटनाक्रमों के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से होर्मुज जलमार्ग पर नियंत्रण होने का दावा भी किया गया है।
यमन संघर्ष और लाल सागर क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच सऊदी अरब पर हुए ताजा हमले ने पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

