पंजाब की अमन-शांति और भाईचारक सांझ को तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी कामयाबी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
श्री मुक्तसर साहिब: पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने श्री मुक्तसर साहिब जिले के गिदड़बाहा हलके के गांव साहिब चंद में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान पंजाब की शांति, भाईचारक सांझ और सामाजिक एकता की रक्षा करने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि सूबे में नफरत और फूट डालने वाली राजनीति को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब की मिट्टी प्रेम, भाईचारे और इंसानियत की मिसाल है तथा यहां नफरत और दुश्मनी की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लोक मिलनी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। लोगों ने उन्हें सिरोपे, स्मृति चिन्ह और आशीर्वाद भेंट कर सम्मानित किया। भारी संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कुछ ताकतें राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब को फिर से पुराने काले दौर की तरफ धकेलने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन पंजाब के लोग ऐसी हर साजिश को नाकाम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, संतों और पीरों की धरती है, जिन्होंने हमेशा प्रेम, सद्भाव और इंसानियत का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब की सामाजिक साझेदारी सदियों पुरानी है और यहां हर धर्म और समुदाय के लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज में डर और नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, वे पंजाब और पंजाबियत दोनों के दुश्मन हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसकी राजनीति समुदायों के बीच फूट डालने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति के जरिए सत्ता हासिल की गई, लेकिन पंजाब में ऐसी राजनीति कभी सफल नहीं होगी क्योंकि यहां के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब पहले भी हिंसा और अशांति का दर्द झेल चुका है, जिसके कारण सूबे का विकास बुरी तरह प्रभावित हुआ था। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी पंजाबी एकजुट होकर उन ताकतों का मुकाबला करें जो सूबे में डर और अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम-2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कानून श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि पहले कई मामलों में आरोपी कानून की कमियों का फायदा उठाकर बच निकलते थे, लेकिन अब नए कानून के तहत सख्त प्रावधान किए गए हैं ताकि दोषियों को किसी भी हालत में राहत न मिल सके।
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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने इस कानून को कानूनी विशेषज्ञों की सलाह के बाद बेहद सावधानी से तैयार किया है। उन्होंने बताया कि यदि कोई आरोपी मानसिक बीमारी का बहाना बनाकर बचने की कोशिश करेगा, तो उसके अभिभावकों और देखभाल करने वालों को भी जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने कहा कि गंभीर मामलों में उम्रकैद तक की सजा और लंबी अवधि तक जमानत न मिलने का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “शुक्राना यात्रा” के दौरान उन्हें लोगों का जबरदस्त समर्थन और आशीर्वाद मिल रहा है। उन्होंने बताया कि तेज गर्मी के बावजूद हजारों लोग रास्तों में खड़े होकर उनका स्वागत कर रहे हैं क्योंकि बेअदबी के खिलाफ बनाए गए सख्त कानून से लोगों में संतोष और भरोसा पैदा हुआ है।
अकाली दल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिन लोगों के शासनकाल में बेअदबी की घटनाएं हुईं, वे अब इस कानून का समर्थन करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ किया और लोगों के विश्वास को ठेस पहुंचाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की जनता अब सब कुछ समझ चुकी है और ऐसे नेताओं को नकार चुकी है जिन्होंने सत्ता में रहते हुए सूबे को लूटने का काम किया। उन्होंने कहा कि अकाली दल की तथाकथित यात्राएं वास्तव में परिवार बचाने की कवायद हैं क्योंकि जनता उन्हें पहले ही राजनीति से बाहर कर चुकी है।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी अंदरूनी कलह से जूझ रही है और हर नेता मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पंजाब और सिख समुदाय के खिलाफ कई फैसले लिए, जिन्हें लोग कभी नहीं भूल सकते।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब में अब जनता का पैसा पारदर्शी तरीके से विकास कार्यों पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है, हजारों युवाओं को बिना रिश्वत सरकारी नौकरियां दी गई हैं और बंद पड़े टोल प्लाजों के कारण लोगों को करोड़ों रुपये की राहत मिली है।
शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की वर्ष 2026 की रिपोर्ट में पंजाब ने बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में केरल को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने इसे पंजाब के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि शिक्षा ही गरीबी और बेरोजगारी से बाहर निकलने का सबसे बड़ा साधन है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत राज्य के सभी परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें लाखों रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि लाखों लोग पहले ही इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।
किसानों के हितों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर नहरों, पाइपलाइन और जल संरक्षण परियोजनाओं पर काम किया है। उन्होंने कहा कि भूमिगत जल स्तर को बचाने और खेती को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सम्मान राशि देने की योजनाएं शुरू की गई हैं ताकि उन्हें आर्थिक मजबूती मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि पंजाब हमेशा भाईचारे, शांति और सामाजिक एकता का प्रतीक रहा है और राज्य की जनता किसी भी फूट डालने वाली ताकत को कभी सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि पंजाब की तरक्की, खुशहाली और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

