सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने पर केंद्रित रही अमित शाह और डॉ अरविंद शर्मा की मुलाकात
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार में सहकारिता मंत्री Arvind Sharma ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah से शिष्टाचार भेंट कर सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस मुलाकात को सहकारिता क्षेत्र में नए सुधारों और ग्रामीण विकास के लिए अहम माना जा रहा है।
बैठक के दौरान डॉ अरविंद शर्मा ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह को शुभकामनाएं दीं और कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश लगातार विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में सहकारिता आंदोलन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है।
डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देशभर में सहकारी संस्थाओं को नई पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में व्यापक सुधार देखने को मिले हैं, जिससे किसानों, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था का हिस्सा नहीं बल्कि सामाजिक और सामूहिक विकास का मजबूत माध्यम भी है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने, आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और सहकारी संस्थाओं को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने पर गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की योजनाओं के जरिए गांवों तक आर्थिक मजबूती पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि छोटे किसानों और ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि आज देश में सहकारी संस्थाएं खेती, डेयरी, भंडारण, ग्रामीण बैंकिंग और लघु उद्योगों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि सहकारिता आंदोलन को आधुनिक संसाधनों और नई तकनीकों से जोड़ा जाए तो यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार ऐसी नीतियां बना रही है जिनसे सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता बढ़े और आम लोगों का विश्वास मजबूत हो। डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
बैठक के दौरान किसानों की आय बढ़ाने, कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि सहकारिता आंदोलन ग्रामीण भारत की रीढ़ है और इससे लाखों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार भी राज्य में सहकारी संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सस्ती दरों पर खाद, बीज और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं को भी सहकारी गतिविधियों से जोड़ने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं।
डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि सहकारिता मॉडल समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा है कि देश के हर गांव और हर किसान को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना करते हुए डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद इस क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि आज देश में सहकारी संस्थाओं को आधुनिक सोच और पारदर्शी व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में सहकारिता आंदोलन देश के आर्थिक विकास का बड़ा आधार बनेगा और विकसित भारत के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने, किसानों को सशक्त बनाने और युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार लगातार सहकारिता क्षेत्र को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सहकारी संस्थाओं को आधुनिक ढांचे और बेहतर नीतियों से जोड़ा गया तो ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल सकती है।

