मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुद्वारा श्री जोतिसर साहिब में माथा टेककर पंजाब की खुशहाली, भाईचारे और बेअदबी के खिलाफ सख्त कानूनों के लिए अरदास की।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा के दौरान ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री जोतिसर साहिब (छठी पातशाही) में माथा टेका। इस दौरान उन्होंने श्री अखंड पाठ साहिब के भोग अवसर पर उपस्थित होकर गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री की यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि राज्य की खुशहाली और सामाजिक सद्भाव के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी लेकर आई।
गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक होकर जताया आभार
गुरुद्वारा श्री जोतिसर साहिब में पहुंचकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्रद्धा भाव से मत्था टेका और गुरु साहिब का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह गुरु साहिब की ही कृपा है कि उन्हें राज्य में धार्मिक स्थलों की पवित्रता और सम्मान की रक्षा के लिए कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
उन्होंने विशेष रूप से बेअदबी जैसी घटनाओं के खिलाफ सख्त कानून लागू करने के प्रयासों को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
बेअदबी के खिलाफ सख्त कानूनों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार धार्मिक ग्रंथों और गुरुद्वारों के सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की बेअदबी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके लिए कठोर कानूनों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक धार्मिक और नैतिक कर्तव्य भी है।
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‘सरबत दा भला’ के लिए विशेष अरदास
इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में विशेष अरदास का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने पंजाब की तरक्की, शांति, भाईचारे और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य राज्य को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाना है, जहां हर वर्ग के लोग खुशहाल जीवन जी सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्रगति के लिए आध्यात्मिक शक्ति और जनसेवा दोनों का संतुलन आवश्यक है।
आध्यात्मिक स्थलों से मिलती है सेवा की प्रेरणा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुद्वारा श्री जोतिसर साहिब जैसे पवित्र स्थान उन्हें जनता की सेवा के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शिक्षाएं हमें ईमानदारी, सेवा और भाईचारे के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार का हर कदम पंजाब के गौरव और विकास को पुनः स्थापित करने के लिए समर्पित है।
राज्य में विकास और भाईचारे का संदेश
मुख्यमंत्री की इस धार्मिक यात्रा को राज्य में सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक एकता को मजबूत करने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि पंजाब को विकास, शांति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

