प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा क्षेत्र में 12 वर्षों की प्रगति की सराहना की। रक्षा उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि और आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भारत के रक्षा क्षेत्र में पिछले 12 वर्षों के दौरान हुए बड़े बदलावों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता, नवाचार, आधुनिक तकनीक और स्वदेशी निर्माण के चलते देश की रक्षा क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
आत्मनिर्भर भारत से रक्षा क्षेत्र को नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पिछले एक दशक में भारत की रक्षा क्षमताओं में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत रक्षा उत्पादन को मजबूत करना और विदेशी निर्भरता को कम करना है।
India’s defence capabilities have witnessed significant transformation over the last decade, guided by the vision of self-reliance and powered by innovation, technology and indigenous manufacturing. This thread gives a glimpse of the strides India has made in the defence sector… https://t.co/FPCjacoX34
— Narendra Modi (@narendramodi) June 17, 2026
रक्षा उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस प्रगति पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारत का रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक के सबसे उच्च स्तर 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो देश के रक्षा उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 15.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जबकि 2020-21 के मुकाबले इसमें 110 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, 2013-14 के स्तर से यह लगभग चार गुना अधिक है।
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स्वदेशी उत्पादन और निजी क्षेत्र की भागीदारी
रक्षा मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि रक्षा उत्पादन विभाग और सभी संबंधित हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी, नई नीतियों और निर्यात क्षमताओं के विस्तार से इस क्षेत्र को और मजबूती मिली है।
भारत का बढ़ता रक्षा औद्योगिक आधार
सरकार का कहना है कि भारत का रक्षा क्षेत्र अब तेजी से एक मजबूत औद्योगिक आधार के रूप में विकसित हो रहा है। आने वाले वर्षों में निरंतर नीतिगत सुधारों और तकनीकी नवाचारों के जरिए इस क्षेत्र में और तेजी से विकास की उम्मीद है।

