Sleep Problems: रात में बार-बार नींद खुलने के पीछे तनाव, अनिद्रा या स्लीप एपनिया जैसी वजहें हो सकती हैं। जानें नींद टूटने के कारण, लक्षण और अच्छी नींद के आसान उपाय।
Sleep Problems: रात में एक-दो बार नींद खुल जाना आम बात हो सकती है, लेकिन अगर आपकी नींद लगातार टूटती रहती है, दोबारा सोने में काफी समय लगता है या सुबह उठने के बाद भी थकान महसूस होती है, तो इसकी वजह पर ध्यान देना जरूरी है। बार-बार नींद टूटना तनाव, खराब नींद की आदतों या कुछ नींद संबंधी समस्याओं से जुड़ा हो सकता है।
लगातार नींद पूरी न होने का असर दिनभर की ऊर्जा, मूड, एकाग्रता और काम करने की क्षमता पर पड़ सकता है। कुछ लोगों में बार-बार रात में जागना अनिद्रा या स्लीप एपनिया जैसी स्थितियों से भी संबंधित हो सकता है।
रात में अचानक नींद खुलने की क्या वजह हो सकती है?
रात में नींद टूटने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। तनाव और चिंता इसकी आम वजहों में शामिल हैं। अगर सोने से पहले व्यक्ति किसी बात को लेकर परेशान या चिंतित है, तो दिमाग सक्रिय रह सकता है और नींद बार-बार टूट सकती है।
इसके अलावा कमरे का तापमान, तेज आवाज, असहज बिस्तर, गलत तकिया, कैफीन का सेवन और सोने-जागने का अनियमित समय भी नींद को प्रभावित कर सकता है। कुछ मामलों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी रात में बार-बार जागने का कारण बन सकती हैं।
क्या अनिद्रा की वजह से टूटती है नींद?
अनिद्रा (Insomnia) एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को सोने में परेशानी हो सकती है, रात में बार-बार नींद खुल सकती है या जागने के बाद दोबारा सोने में दिक्कत हो सकती है।
अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो व्यक्ति को दिन के समय थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान लगाने में परेशानी और काम करने में कठिनाई महसूस हो सकती है।
हर रात नींद खुलना अनिद्रा का संकेत नहीं होता। समस्या की अवधि और दिन के समय होने वाले प्रभाव को ध्यान में रखकर ही इसकी पहचान की जाती है।
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स्लीप एपनिया क्या है?
स्लीप एपनिया नींद से जुड़ी एक गंभीर समस्या है, जिसमें सोते समय सांस लेने में बार-बार रुकावट आ सकती है। इसके कारण व्यक्ति को नींद के दौरान अचानक जागना पड़ सकता है।
तेज या लगातार खर्राटे, नींद में सांस रुकने की जानकारी, अचानक हांफकर उठना, सुबह सिरदर्द और दिन में अत्यधिक नींद आना इसके संभावित संकेत हो सकते हैं।
कई बार व्यक्ति को खुद पता नहीं चलता कि रात में उसकी सांस रुक रही है। ऐसे मामलों में परिवार का कोई सदस्य खर्राटों या सांस रुकने जैसी समस्या को नोटिस कर सकता है।
अच्छी नींद के लिए क्या करें?
नींद बेहतर करने के लिए रोजाना की दिनचर्या में कुछ बदलाव मददगार हो सकते हैं।
सोने का समय तय करें
हर दिन लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें। नियमित नींद का शेड्यूल शरीर की प्राकृतिक नींद-जागने की लय को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
सोने से पहले मोबाइल से बनाएं दूरी
सोने के समय से पहले मोबाइल, लैपटॉप और अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना बेहतर है। इसके बजाय किताब पढ़ना, शांत संगीत सुनना या रिलैक्सेशन जैसी गतिविधियां अपनाई जा सकती हैं।
आरामदायक बिस्तर चुनें
बहुत कठोर या बेहद नरम गद्दा और असहज तकिया नींद में परेशानी पैदा कर सकते हैं। अपनी जरूरत के अनुसार आरामदायक गद्दे और तकिए का चुनाव करें।
दिन में रहें सक्रिय
नियमित शारीरिक गतिविधि और सक्रिय दिनचर्या नींद की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद कर सकती है। हालांकि सोने से ठीक पहले बहुत अधिक भारी व्यायाम करने से बचना बेहतर है।
कैफीन का सेवन सीमित करें
चाय, कॉफी और अन्य कैफीन युक्त पेय पदार्थों का देर शाम या रात में सेवन कुछ लोगों की नींद प्रभावित कर सकता है। इसलिए अपनी संवेदनशीलता के अनुसार इनके सेवन का समय तय करें।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर रात में बार-बार नींद खुलने की समस्या लगातार बनी हुई है और इसका असर आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
खासकर अगर तेज खर्राटों के साथ नींद में सांस रुकने, घुटन महसूस होने या दिन में अत्यधिक नींद आने जैसी समस्या हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्लीप एपनिया का संदेह होने पर डॉक्टर जरूरत के अनुसार नींद से जुड़ी जांच की सलाह दे सकते हैं।

