फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री योगी ने 1,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री बांटी और 102 गांवों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। स्वास्थ्य व पुनर्वास पर भी जोर।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने करीब 1,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत किट उपलब्ध कराई। इसके साथ ही बाढ़ के कारण बेघर हुए परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से आर्थिक सहायता भी दी गई।
बाढ़ प्रभावित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवार खुद को अकेला न समझें। सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है और जरूरत के मुताबिक हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
फर्रुखाबाद के 102 गांव बाढ़ की चपेट में
मुख्यमंत्री ने बताया कि फर्रुखाबाद की सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का उन्होंने निरीक्षण किया है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की समीक्षा भी की।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिले के 102 बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर है। राहत कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि पिछले करीब 15 दिनों से प्रशासन के साथ लगातार काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष, बाढ़ चौकियां और राहत शिविर बनाए गए हैं। जिन परिवारों के घर पानी में डूब गए हैं, उनके लिए भोजन और रहने की व्यवस्था की गई है।
50 किलो की राहत किट में करीब 50 जरूरी सामान
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को वितरित की जा रही राहत किट की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक किट का वजन करीब 50 किलोग्राम है और इसमें लगभग 50 आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।
राहत सामग्री में चावल, आटा और आलू 10-10 किलोग्राम, अरहर की दाल, चना, मुरमुरे, खाद्य तेल और मसालों के अलावा बाल्टी, रेनकोट और डिग्निटी किट जैसी उपयोगी वस्तुएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 दिनों के दौरान स्थानीय विधायकों ने जिला प्रशासन के सहयोग से यह सुनिश्चित किया कि राहत सामग्री बाढ़ प्रभावित परिवारों तक समय पर पहुंचती रहे।
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राहत शिविरों में बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाएं जारी
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए राहत शिविरों और गांवों में शिक्षकों के माध्यम से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है और विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट रखा गया है। सांप और बिच्छू के काटने जैसी घटनाओं से निपटने के लिए अस्पतालों में आवश्यक एंटी-वेनम दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
गंगा के प्रवाह को बेहतर बनाने पर जोर
बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा नदी के प्रवाह को सुचारू बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नदी में जमा गाद को हटाकर उसके प्रवाह को बेहतर किया जा सकता है और निकाली गई गाद का इस्तेमाल तटबंधों को मजबूत करने में किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस तरह के कदमों से नदी के प्रवाह में सुधार के साथ आसपास के गांवों को बाढ़ के खतरे से बचाने और किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
सरकारी भर्ती में पारदर्शिता पर मुख्यमंत्री योगी का सख्त रुख
फर्रुखाबाद में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता को लेकर भी सरकार की नीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी कि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार या अनियमितता करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ धोखा करने वालों को जेल भेजने के साथ उनकी अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
आउटसोर्स कर्मचारियों के भुगतान में पारदर्शिता का दावा
आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पूर्व व्यवस्था में आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से भ्रष्टाचार हुआ।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सर्विसेज कॉरपोरेशन (UPCOS) का उल्लेख करते हुए कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य आउटसोर्सिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के साथ-साथ भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए स्थायी उपायों पर भी काम करना है।

