हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी 2026 में 14 सितंबर को एक साथ मनाई जाएगी। जानें निर्जला व्रत के दौरान गणपति का भोग कौन बनाए और पूजा की तैयारी कैसे करें।
हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी 2026: इस बार 14 सितंबर 2026, सोमवार को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का पर्व एक ही दिन पड़ रहा है। ऐसे में जिन महिलाओं ने हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखा है, उनके सामने गणपति स्थापना और भोग तैयार करने की जिम्मेदारी को लेकर सवाल हो सकता है। निर्जला व्रत के दौरान रसोई का काम करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए गणेश पूजा की तैयारियां पहले से करना बेहतर रहेगा।
पहले से तैयार करें गणेश पूजा की सामग्री
हरतालिका तीज के एक दिन पहले गणेश चतुर्थी के लिए जरूरी सामान व्यवस्थित किया जा सकता है। मोदक, लड्डू, पंचामृत और अन्य प्रसाद की सामग्री पहले से तैयार रखने से व्रत वाले दिन परेशानी कम होगी।
गणेश प्रतिमा, दूर्वा, फूल, फल, पूजा की सामग्री और भोग बनाने के लिए आवश्यक सामान भी पहले ही खरीदकर रखा जा सकता है। इससे पूजा के दिन भागदौड़ से बचा जा सकेगा।
व्रत रखने वाली महिला की जगह कौन बनाएगा भोग?
अगर घर की मुख्य महिला हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रख रही है, तो गणपति का भोग परिवार का कोई दूसरा सदस्य तैयार कर सकता है। पति, बेटा, बेटी या परिवार का अन्य सदस्य स्नान करके साफ कपड़े पहनने के बाद सात्विक तरीके से प्रसाद बना सकता है।
धार्मिक परंपराओं में पूजा के दौरान स्वच्छता और श्रद्धा को विशेष महत्व दिया जाता है। इसलिए व्रत रखने वाली महिला का खुद भोग बनाना जरूरी नहीं है।
हरतालिका तीज पर क्यों रखा जाता है निर्जला व्रत?
हरतालिका तीज भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित पर्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी कथा से हरतालिका तीज की परंपरा जुड़ी मानी जाती है।
सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना से यह व्रत रखती हैं। वहीं कई अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर की कामना से भी हरतालिका तीज का व्रत करती हैं।
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गणपति बप्पा को कौन-कौन से भोग चढ़ाएं?
गणेश पूजा में मोदक का विशेष महत्व माना जाता है। इसके अलावा कई तरह की सात्विक मिठाइयां और फल भी भगवान गणेश को अर्पित किए जा सकते हैं।
भोग में शामिल कर सकते हैं:
- मोदक
- मोतीचूर के लड्डू
- खीर
- हलवा
- केला और अन्य फल
- पंचामृत
- सात्विक मिठाइयां
भोग तैयार करते समय रसोई और खाद्य सामग्री की स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए। परिवार की धार्मिक परंपरा के अनुसार भोग तैयार किया जा सकता है।
तीज के व्रत के दौरान गणेश पूजा की तैयारी कैसे करें?
एक ही दिन दोनों पर्व होने के कारण पहले से तैयारी करना सबसे आसान विकल्प रहेगा। पूजा की सामग्री, गणेश प्रतिमा, दूर्वा, फूल, फल और प्रसाद की सामग्री पहले ही खरीद लें।
अगर घर पर मोदक या लड्डू बनाने हैं, तो उनकी तैयारी भी एक दिन पहले की जा सकती है। परिवार के अन्य सदस्यों को गणेश स्थापना और भोग की जिम्मेदारी देने से व्रत रखने वाली महिला पर अतिरिक्त काम का दबाव नहीं पड़ेगा।
एक दिन में दो पर्व, ऐसे करें तैयारी
14 सितंबर 2026 को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी साथ होने के कारण घर में दोनों पर्वों की तैयारियां एक साथ करनी होंगी। ऐसे में काम को परिवार के सदस्यों के बीच बांटना बेहतर रहेगा।
व्रत रखने वाली महिला तीज की पूजा और धार्मिक अनुष्ठान पर ध्यान दे सकती है, जबकि परिवार के दूसरे सदस्य गणेश स्थापना और भोग की व्यवस्था संभाल सकते हैं। इस तरह दोनों पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जा सकते हैं।

