Iodine Deficiency: शरीर में आयोडीन की कमी से थायरॉइड संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। जानें आयोडीन के फायदे और डाइट में शामिल करने वाले 4 जरूरी खाद्य पदार्थ।
Iodine Deficiency: आयोडीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। इसकी जरूरत बहुत कम मात्रा में होती है, लेकिन शरीर के सामान्य कामकाज के लिए इसकी भूमिका बेहद अहम है। आयोडीन की मदद से थायरॉइड ग्रंथि हार्मोन तैयार करती है, जो मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा और विकास जैसी कई प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में योगदान देते हैं।
खासकर बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास तथा गर्भावस्था के दौरान आयोडीन की पर्याप्त मात्रा पर ध्यान देना जरूरी माना जाता है। लंबे समय तक आयोडीन की कमी रहने पर थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
आयोडीन शरीर के लिए क्यों जरूरी है?
आयोडीन का प्रमुख काम थायरॉइड हार्मोन के निर्माण में सहायता करना है। ये हार्मोन शरीर में ऊर्जा के इस्तेमाल, मेटाबॉलिज्म और सामान्य विकास सहित कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में भूमिका निभाते हैं।
बचपन में शरीर और मस्तिष्क के विकास के लिए पर्याप्त आयोडीन जरूरी होता है। वहीं गर्भावस्था के दौरान इसकी पर्याप्त उपलब्धता भ्रूण के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
आयोडीन की कमी होने पर क्या समस्याएं हो सकती हैं?
अगर शरीर में लंबे समय तक आयोडीन की पर्याप्त मात्रा नहीं पहुंचती है, तो थायरॉइड ग्रंथि पर इसका असर पड़ सकता है। कुछ मामलों में थायरॉइड के बढ़ने से गर्दन में सूजन दिखाई दे सकती है, जिसे घेंघा कहा जाता है।
आयोडीन की कमी से थायरॉइड हार्मोन का स्तर प्रभावित होने पर थकान, वजन बढ़ना और सामान्य से अधिक ठंड महसूस होना जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं। बच्चों में गंभीर या लंबे समय तक बनी कमी विकास और सीखने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
हालांकि, इन लक्षणों के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर आयोडीन की कमी का निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।
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आयोडीन की कमी से बचने के लिए क्या खाएं?
आहार के जरिए आयोडीन की जरूरत पूरी करने के लिए कई खाद्य विकल्प मौजूद हैं। इनमें से प्रमुख चार विकल्प हैं:
1. आयोडीन युक्त नमक
भारतीय घरों में आयोडीन प्राप्त करने का सबसे आसान तरीका आयोडीन युक्त नमक है। सामान्य नमक की जगह आयोडीन वाला नमक इस्तेमाल करने से रोजाना के भोजन के जरिए आयोडीन प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। हालांकि नमक की कुल मात्रा सीमित रखना भी जरूरी है। आयोडीन की जरूरत पूरी करने के लिए अधिक नमक खाना उचित तरीका नहीं है।
2. समुद्री खाद्य पदार्थ
समुद्र से मिलने वाले कई खाद्य पदार्थ आयोडीन के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। समुद्री शैवाल में आयोडीन की मात्रा विशेष रूप से अधिक हो सकती है। इसके अलावा कुछ प्रकार की मछलियों और अन्य समुद्री खाद्य पदार्थों से भी आयोडीन प्राप्त होता है। इनका सेवन व्यक्ति की खानपान की आदतों और उपलब्धता के अनुसार किया जा सकता है।
3. दूध और डेयरी उत्पाद
दूध और कुछ डेयरी उत्पाद भी भोजन के जरिए आयोडीन प्राप्त करने में योगदान दे सकते हैं। दूध, दही और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। डेयरी उत्पादों में मौजूद अन्य पोषक तत्व भी शरीर के लिए उपयोगी होते हैं।
4. अंडे
अंडे भी आयोडीन देने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं। इसके अलावा इनमें उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो लोग अंडे खाते हैं, वे इसे संतुलित भोजन का हिस्सा बनाकर अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
आलू से भी मिल सकता है आयोडीन
आलू में भी कुछ मात्रा में आयोडीन पाया जा सकता है। हालांकि इसकी मात्रा कई परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है। इसलिए आयोडीन की जरूरत पूरी करने के लिए किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न स्रोतों वाला संतुलित आहार लेना बेहतर विकल्प है।
आयोडीन वाले नमक को कैसे रखें सुरक्षित?
आयोडीन युक्त नमक को सही तरीके से स्टोर करना भी महत्वपूर्ण है। नमी, गर्मी और लंबे समय तक रोशनी के संपर्क में रहने से नमक में मौजूद आयोडीन की मात्रा प्रभावित हो सकती है।
इसलिए नमक को खुले में रखने के बजाय सूखे और एयरटाइट कंटेनर में रखना बेहतर होता है। इसे गैस या किसी गर्म स्थान के बिल्कुल पास रखने से भी बचना चाहिए।
क्या पत्तागोभी और सोया खाना बंद कर दें?
पत्तागोभी, फूलगोभी और सोया जैसे कुछ खाद्य पदार्थों को गोइट्रोजेनिक खाद्य पदार्थों की श्रेणी में रखा जाता है। ये थायरॉइड की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर कुछ परिस्थितियों में।
लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि स्वस्थ व्यक्ति को इन खाद्य पदार्थों को पूरी तरह अपनी डाइट से हटा देना चाहिए। संतुलित मात्रा में इनका सेवन सामान्य भोजन का हिस्सा हो सकता है।
अगर किसी व्यक्ति को पहले से थायरॉइड की बीमारी या आयोडीन की कमी है, तो डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
आयोडीन की कमी से बचने के लिए क्या करें?
आयोडीन शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी अतिरिक्त मात्रा भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के आयोडीन सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।
संतुलित आहार लें, आयोडीन युक्त नमक का सही मात्रा में इस्तेमाल करें और यदि आयोडीन की कमी या थायरॉइड से जुड़े लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से जांच करवाएं।

