ब्रातिस्लावा में वाराणसी पर आधारित प्रदर्शनी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पेलेग्रिनी ने अवलोकन किया। भारत-स्लोवाकिया सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती मिली।
स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में भारत की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाली एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें काशी (वाराणसी) की समृद्ध परंपरा और कला को दर्शाया गया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ मिलकर इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जो राष्ट्रपति भवन में आयोजित की गई थी।
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वाराणसी पर केंद्रित कला प्रदर्शनी
इस प्रदर्शनी में वाराणसी शहर की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित किया गया। साथ ही स्लोवाक कलाकारों द्वारा तैयार की गई कृतियों को भी शामिल किया गया, जिन्होंने हाल ही में इस पवित्र भारतीय शहर का दौरा किया था।
Prepojenie s Banarasom aj v Bratislave!
Včera sme si spolu s prezidentom Pellegrinim v Prezidentskom paláci v Bratislave prezreli fascinujúcu výstavu venovanú Váránasí vrátane diel slovenských umelcov, ktorí toto mesto nedávno navštívili. Umenie a kultúra majú skutočne jedinečnú… pic.twitter.com/ZEefJw7Jpb
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
कला और संस्कृति से मजबूत होते संबंध
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कला और संस्कृति देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने प्रदर्शनी में शामिल सभी कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आदान-प्रदान से आपसी समझ और मित्रता और अधिक गहरी होती है।
भारत-स्लोवाकिया संबंधों में नई ऊर्जा
इस आयोजन को भारत और स्लोवाकिया के बीच सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंध और अधिक मजबूत होंगे।

