OpenAI के गणितीय दावों पर 25 Fields Medal विजेता गणितज्ञों ने सवाल उठाए हैं। जानिए AI कंपनियों और गणितज्ञों के बीच बढ़ते विवाद की पूरी वजह।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बड़ी कंपनियों के बीच गणित की जटिल समस्याओं को हल करने की होड़ अब विवाद का रूप लेती जा रही है। AI कंपनियों की ओर से कठिन और लंबे समय से अनसुलझी गणितीय समस्याओं को हल करने के दावों पर दुनिया के कई शीर्ष गणितज्ञों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
इस मामले में गणित के क्षेत्र के 25 प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने एक खुला पत्र जारी किया है। खास बात यह है कि पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले सभी गणितज्ञ Fields Medal से सम्मानित हो चुके हैं। इस पुरस्कार को गणित की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है।
AI कंपनियों पर गणितीय शोध को लेकर गंभीर आरोप
गणितज्ञों ने अपने खुले पत्र में AI कंपनियों के मौजूदा रवैये पर चिंता जाहिर की है। उनका आरोप है कि कंपनियां अपने AI सिस्टम और उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए गणितीय शोध के उद्देश्य और उसकी वास्तविक प्रकृति को लेकर भ्रामक दावे कर रही हैं।
उनका कहना है कि किसी गणितीय समस्या का केवल एक उत्तर हासिल कर लेना और उस समस्या के पीछे मौजूद गणितीय सिद्धांत को समझना दो अलग-अलग बातें हैं।
गणितज्ञों ने यह भी चिंता जताई कि AI द्वारा तैयार किए गए निम्न गुणवत्ता वाले गणितीय परिणामों को गंभीर शोध के रूप में पेश किया जा रहा है, जो अकादमिक शोध की विश्वसनीयता के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
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शोधकर्ताओं के काम के इस्तेमाल पर भी सवाल
खुले पत्र में AI मॉडल के प्रशिक्षण के लिए गणितज्ञों के प्रकाशित शोध और उनके काम के इस्तेमाल को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है।
गणितज्ञों का तर्क है कि यदि AI सिस्टम पहले से मौजूद शोध सामग्री का इस्तेमाल करके किसी समस्या का समाधान तैयार करता है, तो केवल उससे बेहतर या पहले समाधान देने का दावा करना वैज्ञानिक प्रगति के बराबर नहीं माना जा सकता।
उनके मुताबिक, वास्तविक गणितीय शोध का उद्देश्य सिर्फ उत्तर तक पहुंचना नहीं, बल्कि समस्या की गहरी समझ विकसित करना और नए सिद्धांतों को सामने लाना भी है।
OpenAI के Navier-Stokes दावे से शुरू हुआ विवाद
यह बहस उस समय और तेज हुई जब OpenAI ने दावा किया कि उसके AI सिस्टम ने प्रसिद्ध Navier-Stokes problem को हल कर लिया है। यह गणित और भौतिकी से जुड़ी एक बेहद कठिन समस्या है, जिसका संबंध तरल पदार्थों की गति को समझने और उसका गणितीय वर्णन करने से है।
OpenAI के दावे के बाद गणितीय समुदाय में इस समाधान को लेकर चर्चा शुरू हो गई। विशेषज्ञों ने समाधान की गुणवत्ता और उसके पीछे मौजूद गणितीय प्रमाणों पर सवाल उठाए।
ट्रिस्टन बकमास्टर और लेवेंट अल्पोगे ने भी जताई चिंता
इस मामले में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के गणितज्ञ ट्रिस्टन बकमास्टर और Anthropic से जुड़े लेवेंट अल्पोगे के साथ भी विवाद सामने आया।
दोनों की ओर से इस बात को लेकर चिंता जताई गई कि AI कंपनियों के मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए शोधकर्ताओं के काम और प्रकाशित सामग्री का इस्तेमाल किस तरह किया गया। इससे AI कंपनियों और अकादमिक शोधकर्ताओं के बीच डेटा, श्रेय और मौलिकता को लेकर बहस और गहरी हो गई है।
AI और गणितीय शोध का भविष्य क्या होगा?
AI तेजी से जटिल गणितीय समस्याओं पर काम करने में सक्षम हो रहा है, लेकिन इसने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि AI से मिले समाधान को वास्तविक गणितीय खोज कब माना जाए।
एक तरफ AI कंपनियां इसे वैज्ञानिक शोध में बड़ी सफलता के रूप में देख रही हैं, वहीं गणितज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि किसी समस्या का उत्तर देने से ज्यादा महत्वपूर्ण उसके पीछे की तार्किक और सैद्धांतिक समझ है।
आने वाले समय में AI द्वारा किए गए गणितीय शोध, डेटा के इस्तेमाल, शोधकर्ताओं को श्रेय और वैज्ञानिक मौलिकता को लेकर नियम और मानक तय करना इस बहस का अहम हिस्सा बन सकता है।

