दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अवैध निर्माण पर सख्ती के निर्देश दिए। PG और छात्रावासों की जांच के साथ गैरकानूनी ढांचों पर बुलडोजर कार्रवाई होगी।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की घटना में सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारियों को राजधानी में गैरकानूनी निर्माण और अवैध ढांचों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई की निगरानी करने के निर्देश भी दिए हैं।
सभी PG और छात्रावासों की होगी जांच
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में संचालित सभी पेइंग गेस्ट (PG) आवास और छात्रावासों का व्यापक निरीक्षण करने का आदेश दिया है। अधिकारियों से कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान अगर किसी इमारत में नियमों के विपरीत निर्माण पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही भवनों से जुड़े पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी। सरकार यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि संबंधित अवैध निर्माण कब किया गया था और उस समय संबंधित क्षेत्र की जिम्मेदारी किस अधिकारी के पास थी।
सत्य निकेतन हादसे में गई 7 लोगों की जान
सत्य निकेतन में छात्रों के PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही करीब पांच मंजिला इमारत रविवार दोपहर लगभग 1:30 बजे मरम्मत के दौरान अचानक ढह गई थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें सात लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हुए। इस हादसे के बाद राजधानी में अवैध निर्माण और भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
also read: BRICS Summit 2026: दिल्ली के लग्जरी होटल हुए फुल, एक रात का किरा…
MCD ने 24 संपत्तियों पर की ध्वस्तीकरण कार्रवाई
नगर निगम के मंगलवार तक के आंकड़ों के अनुसार, सत्य निकेतन हादसे के बाद इलाके में 24 संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई है। इसके अलावा सात अवैध ढांचों को सील किया गया।
आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 8 सितंबर के बीच दिल्ली नगर निगम ने कुल 1,007 संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण कार्रवाई की, जबकि 471 संपत्तियों को सील किया गया।
इसी अवधि में एमसीडी की ओर से कुल 3,018 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इनमें 1,551 नोटिस अनधिकृत निर्माण, 714 सीलिंग और 753 ध्वस्तीकरण से संबंधित थे।
PG इमारतों का होगा संरचनात्मक ऑडिट
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली की PG इमारतों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अधिकारियों को PG आवासों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
खास तौर पर उन इमारतों की जांच की जाएगी, जिनमें निर्धारित ऊंचाई या मंजिल से जुड़े नियमों के उल्लंघन की आशंका है। उपराज्यपाल ने PG केंद्रों में मौजूद इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश भी दिया है।
अधिकारियों पर भी हुई कार्रवाई
सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई। निगम के दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त समेत पांच अभियंताओं को निलंबित किया गया है।
संबंधित जोन के अधिकारियों को भवन सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों और मानकों की विस्तृत जांच करने को कहा गया है। इनमें आवश्यक निर्माण अनुमति, अग्नि सुरक्षा NOC, संरचनात्मक स्थिरता प्रमाण-पत्र और अन्य जरूरी मानक शामिल हैं।
वरिष्ठ अधिकारी करेंगे अभियान की निगरानी
सरकार ने संबंधित जोन के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी कार्रवाई पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी है। अधिकारियों को भवनों की स्थिति, निर्माण की वैधता और सुरक्षा मानकों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली सरकार का यह अभियान सत्य निकेतन हादसे के बाद अवैध निर्माण और असुरक्षित इमारतों पर कार्रवाई को लेकर उठाए गए सख्त कदमों का हिस्सा है। अब राजधानी में PG और अन्य संवेदनशील इमारतों की जांच के साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों पर कार्रवाई तेज होने की संभावना है।

