BRICS Summit 2026 के चलते दिल्ली के लग्जरी होटलों में कमरों की मांग बढ़ी। होटल किराया 1.30 लाख से 13 लाख रुपये तक पहुंचा।
BRICS Summit 2026: राजधानी दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन का असर अब होटल कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों, राजनयिकों और बड़े प्रतिनिधिमंडलों के दिल्ली पहुंचने के कारण लग्जरी होटलों में कमरों की मांग तेजी से बढ़ गई है। स्थिति यह है कि सेंट्रल दिल्ली के कुछ होटलों में एक रात के कमरे के लिए 1.30 लाख रुपये से लेकर कई लाख रुपये तक की कीमत बताई जा रही है।
कुछ बेहद प्रीमियम लग्जरी सुइट्स की कीमत तो 13 लाख रुपये तक प्रति रात पहुंचने की जानकारी सामने आई है। सम्मेलन से जुड़े प्रतिनिधियों के अलावा सुरक्षाकर्मी, मीडिया, अधिकारी और कॉर्पोरेट मेहमान भी दिल्ली पहुंच रहे हैं, जिससे होटल इंडस्ट्री में ऑक्यूपेंसी काफी बढ़ गई है।
BRICS Summit के लिए हजारों कमरे पहले से बुक
भारत मंडपम में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में ब्राजील, चीन, रूस, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान समेत 20 से अधिक देशों की भागीदारी है। प्रतिनिधिमंडलों का दिल्ली पहुंचना 10 सितंबर से शुरू हो गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख फाइव-स्टार होटलों में करीब 3,500 कमरे सम्मेलन से जुड़े मेहमानों के लिए पहले ही आरक्षित किए जा चुके हैं। इससे आम यात्रियों के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या काफी कम हो गई है।
किस होटल में ठहरेंगे विदेशी मेहमान?
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान कई प्रमुख विदेशी मेहमानों और प्रतिनिधिमंडलों के लिए दिल्ली के बड़े होटलों में ठहरने की व्यवस्था की गई है।
- ITC Maurya: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उनका प्रतिनिधिमंडल और उज्बेकिस्तान का डेलिगेशन।
- The Oberoi: इंडोनेशिया, इथियोपिया, कजाकिस्तान और ईरान के राष्ट्राध्यक्षों के ठहरने की व्यवस्था।
- Sheraton New Delhi, Saket: मिस्र के प्रमुख प्रतिनिधि।
- The Lalit: दक्षिण अफ्रीका और बुरुंडी के राष्ट्राध्यक्षों के लिए व्यवस्था।
- Taj Palace: चीन के राजदूत और प्रतिनिधिमंडल।
- Taj Mahal Hotel: फिलीपींस के राजदूत।
- The Imperial: ब्राजील के प्रतिनिधिमंडल के ठहरने की संभावना।
सम्मेलन के मुख्य कार्यक्रम 12 और 13 सितंबर को होने हैं। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कुछ होटलों में आम ग्राहकों के लिए बुकिंग भी सीमित या रोक दी गई है।
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होटल की रसोई में भी खास तैयारियां
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और वीआईपी मेहमानों की मेजबानी के लिए होटल स्टाफ विशेष तैयारियों में जुटा है। द लीला पैलेस की किचन टीम मेहमानों की पसंद और संबंधित दूतावासों की जरूरतों के अनुसार विशेष व्यंजन तैयार कर रही है।
मेहमानों के लिए भारतीय स्वाद को भी मेन्यू में खास जगह दी गई है। होटल के विभिन्न रेस्टोरेंट और इन-रूम डाइनिंग में मशहूर भारतीय रेस्टोरेंट जमावर के चुनिंदा व्यंजन शामिल किए गए हैं।
होटल रूम के किराये में 30-40% तक बढ़ोतरी
BRICS Summit की वजह से दिल्ली के होटल बाजार में कीमतों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। द ललित के मुताबिक, उसके लगभग 460 कमरों में से करीब 90 प्रतिशत कमरे सम्मेलन से संबंधित बुकिंग के लिए आरक्षित हैं। होटल के रूम रेट में लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वहीं रेडिसन होटल ग्रुप के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस अवधि में औसत कमरे की कीमत करीब 25 प्रतिशत अधिक है।
दिल्ली एयरोसिटी में भी बढ़ी ऑक्यूपेंसी
सिर्फ सेंट्रल दिल्ली ही नहीं, बल्कि दिल्ली एयरोसिटी के होटल भी सम्मेलन की वजह से व्यस्त हैं। करीब 3,500 कमरों वाले इस होटल हब में लेमन ट्री और रोजेट जैसे ब्रांड्स की ऑक्यूपेंसी 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। हालांकि, इन होटलों में औसत कमरे की दरों में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं जताई गई है।
13 लाख तक पहुंची लग्जरी सुइट की कीमत
सेंट्रल दिल्ली में उपलब्ध सीमित कमरों के लिए अब 1.30 लाख रुपये या उससे अधिक प्रति रात की कीमत मांगी जा रही है। होटल की श्रेणी और कमरे की सुविधा के आधार पर यह दर 1 से 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा भी हो सकती है।
सबसे ज्यादा मांग लग्जरी सुइट्स की है। कुछ बेहद प्रीमियम सुइट्स की कीमत 13 लाख रुपये प्रति रात तक पहुंचने की जानकारी है। वहीं सम्मेलन से पहले 10 से 12 सितंबर की अवधि के लिए दिल्ली के प्रमुख होटलों में ऑनलाइन सामान्य कमरों की उपलब्धता भी बेहद सीमित हो गई थी।
होटल कंपनियों के लिए कमाई का बड़ा मौका
BRICS Summit दिल्ली की होटल इंडस्ट्री के लिए सिर्फ वीआईपी मेहमानों की मेजबानी का अवसर नहीं है, बल्कि यह कमाई बढ़ाने का भी बड़ा मौका बनकर सामने आया है।
विश्लेषकों के मुताबिक, दिल्ली में बड़ी मौजूदगी रखने वाली सूचीबद्ध होटल कंपनियां सम्मेलन के दौरान बढ़ी मांग, ऊंची ऑक्यूपेंसी और बेहतर रूम रेट से फायदा उठा सकती हैं। सम्मेलन के कारण होटल सेक्टर में कारोबार और राजस्व दोनों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

