अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी के भविष्य का प्लान बताया। जानें CJP का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान, चुनाव से आगे जाने की रणनीति और दीपके के बयान।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने आंदोलन और संगठन के भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ किया कि उनका लक्ष्य केवल चुनावी राजनीति तक सीमित रहना नहीं है। दीपके के मुताबिक, उनकी कोशिश व्यवस्था में बदलाव और लोगों को उनके अधिकारों व जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने की है।
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक अभियान के तौर पर हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की युवाओं और ‘कॉकरोच’ से जुड़ी टिप्पणी के बाद अभिजीत दीपके ने इस नाम से मुहिम शुरू की थी। देखते ही देखते यह अभियान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़े।
सरकार के बयान से क्यों नाराज हुए थे दीपके?
अभिजीत दीपके ने इंटरव्यू के दौरान अमेरिका से भारत लौटने के फैसले पर भी बात की। उन्होंने बताया कि जब उन्हें ‘देश के लिए खतरा’ और ‘एंटी नेशनल’ जैसे टैग दिए गए तो उन्हें यह बात काफी आहत करने वाली लगी।
दीपके के मुताबिक, उनके परिवार और वकील ने भारत वापस लौटने को लेकर उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी थी। इसके बावजूद उन्होंने देश लौटने का फैसला किया। उनका कहना था कि वह अपने देश से प्यार करते हैं, लेकिन देशभक्ति को लेकर उनकी सोच सरकार की अपेक्षाओं से अलग हो सकती है।
चुनाव से आगे जाने की तैयारी
अभिजीत दीपके ने CJP के भविष्य को लेकर कहा कि राजनीति को सिर्फ चुनाव लड़ने और राजनीतिक दल बनाने तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए।
उनके अनुसार, संगठन का उद्देश्य लोगों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक करना है। साथ ही वह चाहते हैं कि जनता सत्ता में मौजूद किसी भी सरकार से जवाबदेही मांगने में सक्षम हो।
दीपके का यह बयान ऐसे समय आया है जब CJP ने अपने आंदोलन को अलग-अलग सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों से जोड़ने की कोशिश की है। अगस्त में भी संगठन की ओर से अभियान के अगले चरण यानी ‘सीजन-2’ को लेकर संकेत दिया गया था।
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‘स्कूल ठीक करो’ अभियान पर फोकस
पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन के बाद CJP ने सरकारी स्कूलों की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया है।
इस अभियान के जरिए संगठन सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठा रहा है। दीपके की योजना आंदोलन को सिर्फ एक मुद्दे तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग जनसमस्याओं से जोड़ने की दिखाई दे रही है।
जंतर-मंतर पर भी दिखा था CJP का आंदोलन
कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन दिल्ली के जंतर-मंतर तक भी पहुंचा था। संगठन ने परीक्षा और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान अभिजीत दीपके अमेरिका से भारत लौटकर आंदोलन में शामिल हुए थे।
इसके बाद CJP ने अपने अभियान को आगे बढ़ाने की बात कही। अगस्त 2026 में दीपके ने आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत का संकेत देते हुए कहा था कि अभियान का ‘सीजन-2’ जल्द शुरू किया जाएगा।
CJP को राजनीतिक दल या दबाव समूह?
कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर यह सवाल लगातार उठता रहा है कि क्या यह भविष्य में चुनावी राजनीति में उतरेगी या सामाजिक-राजनीतिक दबाव समूह के तौर पर काम करेगी। अगस्त में BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, CJP ने उस समय खुद को फिलहाल एक प्रेशर ग्रुप के तौर पर काम करने की बात कही थी।
अब दीपके के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि संगठन की प्राथमिकता केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी बढ़ाना और सरकार से जवाबदेही मांगने की संस्कृति को मजबूत करना है।
युवाओं को जोड़ने पर जोर
CJP की शुरुआत भले ही सोशल मीडिया अभियान के रूप में हुई हो, लेकिन बाद में यह सड़क पर होने वाले आंदोलनों तक पहुंची। संगठन ने युवाओं से जुड़े शिक्षा, परीक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को अपने अभियानों में प्रमुखता दी है।
अभिजीत दीपके का कहना है कि वास्तविक बदलाव तभी संभव है जब आम लोग अपने अधिकारों को समझें और सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछने की क्षमता विकसित करें। यही सोच CJP के आगे के अभियानों का आधार बनने की बात कही जा रही है।

