हिमाचल में 13 से 16 सितंबर तक बारिश बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने मध्य पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा का अपडेट दिया है।
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कमजोर चल रहा मानसून अब 13 सितंबर के बाद थोड़ा सक्रिय हो सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, 13 से 15-16 सितंबर के बीच प्रदेश के मध्य पर्वतीय और निचले मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। हालांकि, इस दौरान मानसून के बेहद सक्रिय रहने का अनुमान नहीं है।
13 सितंबर के बाद बदल सकता है मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक, प्रदेश में पिछले चार से पांच दिनों से मानसून कमजोर बना हुआ है। अगले 48 घंटे तक भी इसके कमजोर रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कुछ इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
इसके बाद 13 सितंबर से वर्षा की गतिविधियों में कुछ बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। 13 से 16 सितंबर के बीच मध्य पर्वतीय और निचले क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
धर्मशाला में 32 मिलीमीटर बारिश
शुक्रवार को हिमाचल के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली। धर्मशाला में 32 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि कांगड़ा में 12.6 मिलीमीटर वर्षा हुई। शिमला में दिनभर बादल और धुंध छाई रही और शाम के समय हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण प्रदेश में दिन के तापमान में भी करीब एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
60 सड़कें अभी भी बंद
बारिश और मौसम से जुड़ी परिस्थितियों के कारण प्रदेश में करीब 60 सड़कें बंद हैं। संबंधित विभाग इन मार्गों को दोबारा खोलने के लिए काम कर रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते यातायात और स्थानीय आवाजाही पर असर पड़ रहा है।
also read: हरीश रावत ने कांग्रेस के संगठनात्मक पदों से दिया इस्तीफा, बोले- पार्टी के…
सामान्य से 12 फीसदी कम हुई मानसूनी बारिश
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश सामान्य से कम रही है। 10 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य रूप से करीब 674 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक लगभग 595 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। इस तरह राज्य में बारिश सामान्य से करीब 12 प्रतिशत कम रही है।
सितंबर के शुरुआती 10 दिनों में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा। इस अवधि में सामान्य वर्षा करीब 60 मिलीमीटर मानी जाती है, जबकि प्रदेश में लगभग 46 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यानी सितंबर में अब तक बारिश सामान्य से करीब 23 प्रतिशत कम रही है।
मानसून से 1662 करोड़ रुपये का नुकसान
कम बारिश के बावजूद प्रदेश में मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं और बारिश से जुड़ी घटनाओं के कारण बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। अब तक करीब 1662 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है।
बारिश के कारण सड़कें, परिवहन और अन्य बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर प्रशासन और विभागों की नजर बनी हुई है।
25 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई
हिमाचल प्रदेश से मानसून की सामान्य वापसी करीब 25 सितंबर के आसपास मानी जाती है। हालांकि, इस साल मानसून की वास्तविक विदाई कब शुरू होगी, इसकी तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले पांच दिनों में मानसून की वापसी को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है। ऐसे में सितंबर के बाकी दिनों में होने वाली बारिश यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगी कि प्रदेश में मौजूदा वर्षा की कमी कितनी कम हो पाती है।
कुल मिलाकर, हिमाचल में 13 से 16 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना है, लेकिन मौसम विभाग ने फिलहाल मानसून के बहुत ज्यादा सक्रिय होने का अनुमान नहीं जताया है।

