Nifty 50 Outlook: निफ्टी 50 में कमजोरी जारी है। 23,200 का सपोर्ट टूटा तो इंडेक्स 22,900 और 22,400 तक फिसल सकता है। जानें अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस लेवल।
Nifty 50 Outlook: भारतीय शेयर बाजार में हालिया गिरावट के बाद निफ्टी 50 की स्थिति अभी भी कमजोर बनी हुई है। शुक्रवार को निचले स्तरों से कुछ रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन इंडेक्स बढ़त हासिल करने में कामयाब नहीं रहा। अब बाजार की नजर कुछ महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर टिकी है। टेक्निकल एनालिसिस के मुताबिक 23,200-23,250 का स्तर निफ्टी के लिए बेहद अहम सपोर्ट जोन बन गया है।
11 सितंबर को निफ्टी 50 करीब 0.34 फीसदी यानी लगभग 80 अंक की गिरावट के साथ 23,398 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, दिन के निचले स्तर से इंडेक्स में करीब 0.72 फीसदी की रिकवरी हुई। दूसरी ओर सेंसेक्स 148 अंक यानी 0.16 फीसदी की गिरावट के साथ लगभग 74,754 पर बंद हुआ।
बाजार में शुरुआती कमजोरी के बाद निचले स्तरों पर खरीदारी दिखाई दी। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी घरेलू बाजार को कुछ राहत मिली। ब्रेंट क्रूड करीब 2.3 फीसदी गिरकर 105.14 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
23,200-23,250 का सपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण
आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी के लिए 23,200 से 23,250 का जोन महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के सीनियर मैनेजर-टेक्निकल रिसर्च जिगर एस. पटेल के अनुसार, इंडेक्स का तकनीकी ढांचा फिलहाल कमजोर है और निफ्टी अपने कुछ प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है।
उनके मुताबिक यदि 23,200-23,250 का सपोर्ट निर्णायक रूप से टूटता है, तो निफ्टी 23,000-22,900 के अगले सपोर्ट जोन की तरफ बढ़ सकता है। इसके बाद 22,400 का स्तर भी बाजार के रडार पर आ सकता है।
इसलिए मौजूदा स्थिति में 23,200 का स्तर बाजार के लिए अहम ट्रिगर बना हुआ है। इसके ऊपर टिकाव आने पर रिकवरी की कोशिश संभव है, जबकि इसके नीचे फिसलने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
24,100 के ऊपर टिकना देगा तेजी का संकेत
निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ भी कुछ महत्वपूर्ण स्तर मौजूद हैं। 23,500 तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि 24,000-24,100 का क्षेत्र बड़ा अवरोध बन सकता है।
जिगर एस. पटेल के मुताबिक अगर निफ्टी 24,100 के ऊपर मजबूती के साथ टिकता है, तो बाजार के तकनीकी संकेतों में सुधार देखने को मिल सकता है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स 24,300-24,350 के क्षेत्र की ओर बढ़ सकता है। यानी फिलहाल 23,200 नीचे की तरफ और 24,100 ऊपर की तरफ अहम निर्णायक स्तर हैं।
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RSI और DMI से भी कमजोरी के संकेत
बाजार के मोमेंटम इंडिकेटर्स भी फिलहाल बहुत मजबूत तस्वीर नहीं दिखा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार निफ्टी का RSI करीब 25 के आसपास है, जबकि DMI में मंदड़ियों का प्रभाव दिखाई दे रहा है।
इन संकेतों से पता चलता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे माहौल में केवल निचले स्तर देखकर खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है।
एक्सपर्ट ने जल्दबाजी में डिप खरीदने से किया सावधान
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने मौजूदा परिस्थितियों में आक्रामक तरीके से डिप पर खरीदारी करने से सावधानी बरतने की सलाह दी है।
उनके अनुसार निफ्टी अपने प्रमुख EMA स्तरों के नीचे कारोबार कर रहा है, जिससे शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर बना हुआ है। उन्होंने 23,000-23,070 के स्तर को तत्काल सपोर्ट जोन बताया है।
अगर यह क्षेत्र टिकता है तो बाजार में तकनीकी उछाल देखने को मिल सकता है। वहीं, इसके नीचे निर्णायक कमजोरी आने पर करेक्शन और गहरा हो सकता है।
निवेशकों को किन स्तरों पर नजर रखनी चाहिए?
मौजूदा बाजार परिस्थितियों में निवेशकों के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस का टूटना काफी महत्वपूर्ण होगा। जब तक निफ्टी 24,000-24,100 के ऊपर मजबूत पकड़ नहीं बनाता, तब तक तेजी को पूरी तरह भरोसेमंद नहीं माना जा सकता। दूसरी ओर, 23,200 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर 23,000-22,900 और उसके बाद 22,400 के स्तर महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
Nifty के अहम टेक्निकल लेवल
बाजार की अगली दिशा किस पर निर्भर करेगी?
फिलहाल निफ्टी एक अहम तकनीकी मोड़ पर है। 23,200 का सपोर्ट बचा रहता है तो रिकवरी की संभावना बनी रहेगी, जबकि इस स्तर के नीचे लगातार कमजोरी बाजार में और दबाव ला सकती है।
वहीं, 24,100 के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट आने पर निफ्टी के तकनीकी संकेत बेहतर हो सकते हैं। इसलिए आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर इन्हीं सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर रहेगी।

