आर्सिल आईपीओ आखिरी दिन 1.13 गुना सब्सक्राइब हुआ। जानें ₹132-139 का प्राइस बैंड, लेटेस्ट GMP, निवेशकों की भागीदारी और कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन।
आर्सिल आईपीओ सब्सक्रिप्शन: एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड यानी आर्सिल का ₹733 करोड़ का आईपीओ निवेशकों के लिए बोली के आखिरी दिन पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के अनुसार, 11 सितंबर को सुबह 11 बजे तक इश्यू को कुल 1.13 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
कंपनी को उपलब्ध शेयरों की तुलना में निवेशकों की ओर से ज्यादा बोलियां मिली हैं। इस आईपीओ में कुल 3,69,12,363 शेयर पेश किए गए थे, जबकि सुबह 11 बजे तक 4,17,98,694 इक्विटी शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हो चुकी थीं।
खुदरा निवेशकों ने दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी
आर्सिल आईपीओ में खुदरा निवेशकों की भागीदारी सबसे मजबूत रही। खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा 1.55 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं गैर-संस्थागत निवेशकों यानी एनआईआई श्रेणी में 1.45 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। सब्सक्रिप्शन के आंकड़े बताते हैं कि आईपीओ को अलग-अलग निवेशक वर्गों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।
आर्सिल आईपीओ का लेटेस्ट GMP कितना है?
आर्सिल के शेयरों को ग्रे मार्केट में भी प्रीमियम मिल रहा है। इन्वेस्टरगेन के अनुसार, 11 सितंबर को आर्सिल का ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 10.07 प्रतिशत था।
हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक बाजार संकेतक नहीं है। GMP से बाजार में संभावित लिस्टिंग को लेकर धारणा का अंदाजा लगाया जाता है, लेकिन इससे शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत या रिटर्न की कोई गारंटी नहीं मिलती।
₹132 से ₹139 है शेयर का मूल्य दायरा
आर्सिल ने अपने आईपीओ के लिए ₹132 से ₹139 प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। इश्यू 11 सितंबर तक निवेशकों के लिए खुला है।
यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस पर आधारित है। इसलिए इश्यू के जरिए जुटाई जाने वाली राशि सीधे कंपनी के खाते में नहीं जाएगी। इश्यू से जुड़े खर्चों को घटाने के बाद प्राप्त रकम मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी।
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एंकर निवेशकों से जुटाए ₹219.89 करोड़
आईपीओ खुलने से पहले आर्सिल ने एंकर निवेशकों के जरिए ₹219.89 करोड़ जुटाए थे। कंपनी ने एंकर बुक के तहत 21 संस्थागत निवेशकों को करीब 1.58 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए।
इसमें कई बड़े वैश्विक निवेशकों ने भाग लिया। इनमें गोल्डमैन सैक्स, अशोका व्हाइटओक आईसीएवी, सोसाइटी जेनरल, बीओएफए सिक्योरिटीज यूरोप और इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रेटेजीज जैसे नाम शामिल हैं।
म्यूचुअल फंड योजनाओं को भी मिला हिस्सा
आर्सिल के एंकर आवंटन में घरेलू म्यूचुअल फंड कंपनियों की भी अच्छी भागीदारी रही। कंपनी ने छह फंड हाउसों की ओर से संचालित 12 योजनाओं को 81.29 लाख शेयर आवंटित किए।
इन फंड हाउसों में व्हाइट ओक कैपिटल, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, बंधन म्यूचुअल फंड, टाटा म्यूचुअल फंड, जेएम फाइनेंशियल म्यूचुअल फंड और ग्रो म्यूचुअल फंड शामिल हैं।
आईपीओ की रकम किसे मिलेगी?
चूंकि आर्सिल का पूरा आईपीओ ऑफर फॉर सेल है, इसलिए शेयरों की बिक्री से मिलने वाली रकम कंपनी के कारोबार में इस्तेमाल नहीं होगी। इश्यू से जुड़े खर्चों को हटाने के बाद रकम उन मौजूदा शेयरधारकों को प्राप्त होगी, जो अपने शेयर बेच रहे हैं।
इन शेयरधारकों में एवेन्यू इंडिया रिसर्जेंस, भारतीय स्टेट बैंक, सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड जीआईसी से जुड़ी लैथ इन्वेस्टमेंट और फेडरल बैंक शामिल हैं।
वित्त वर्ष 2026 में बढ़ा आर्सिल का राजस्व
आर्सिल के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का राजस्व ₹753 करोड़ रहा। वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा ₹596.4 करोड़ था। इस तरह कंपनी के राजस्व में सालाना आधार पर करीब 26.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
कंपनी का मुनाफा भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 में आर्सिल का लाभ ₹407.8 करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह ₹355.3 करोड़ था। यानी कंपनी के मुनाफे में करीब 14.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
कौन संभाल रहा है आर्सिल IPO?
आर्सिल आईपीओ की प्रक्रिया के लिए आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज, आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज और जेएम फाइनेंशियल को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया गया है।
क्या काम करती है आर्सिल?
अगस्त 2003 में स्थापित आर्सिल भारत की शुरुआती परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों में शामिल है। कंपनी बैंकों और वित्तीय संस्थानों से संकटग्रस्त परिसंपत्तियां हासिल करती है और उनके समाधान के लिए अलग-अलग रणनीतियों पर काम करती है।
आर्सिल का मुख्य उद्देश्य ऐसी खराब परिसंपत्तियों से अधिकतम वसूली करना है। इसके लिए कंपनी पुनर्गठन, सुरक्षा अधिकारों को लागू करने और समझौते के जरिए समाधान जैसे तरीकों का इस्तेमाल करती है। साथ ही कंपनी अंतर्निहित परिसंपत्तियों के मूल्य में सुधार करने पर भी ध्यान देती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
आर्सिल आईपीओ का आखिरी दिन तक पूरी तरह सब्सक्राइब होना निवेशकों की अच्छी भागीदारी को दर्शाता है। रिटेल और गैर-संस्थागत निवेशकों की ओर से भी मजबूत मांग देखने को मिली है। हालांकि, निवेश का फैसला केवल सब्सक्रिप्शन आंकड़ों या GMP के आधार पर नहीं करना चाहिए। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, मूल्यांकन, कारोबार और इससे जुड़े जोखिमों का भी सावधानीपूर्वक आकलन करना चाहिए।

