Stock Market Today: सेंसेक्स 742 अंक गिरने के बाद 424 अंक संभला, निफ्टी ने भी रिकवरी की। जानें बाजार में गिरावट और तेजी की प्रमुख वजहें।
Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 11 सितंबर को कारोबार की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी कमजोरी देखने को मिली, लेकिन निचले स्तरों पर निवेशकों की खरीदारी से बाजार ने कुछ नुकसान की भरपाई कर ली। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स करीब 424 अंक और निफ्टी लगभग 129 अंक तक रिकवर हुआ।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स पिछले बंद स्तर की तुलना में 742.53 अंक गिरकर 74,160.16 के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी भी 246.40 अंक फिसलकर 23,231.40 के स्तर पर आ गया। हालांकि इसके बाद बाजार में वैल्यू बाइंग देखने को मिली और प्रमुख इंडेक्स ने अपने निचले स्तर से रिकवरी की।
तीन दिन बाद लौटी थी बाजार में तेजी
इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद तेजी आई थी। सेंसेक्स 138.36 अंक यानी 0.19 फीसदी की बढ़त के साथ 74,902.59 पर बंद हुआ था।
इसी तरह निफ्टी भी 46.30 अंक यानी 0.20 फीसदी चढ़कर 23,477.80 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि शुक्रवार को बाजार की शुरुआत कमजोर संकेतों के बीच हुई।
निचले स्तर पर खरीदारी से मिली बाजार को राहत
बाजार में शुरुआती गिरावट के बाद निवेशकों ने कमजोर स्तरों पर चुनिंदा शेयरों में खरीदारी शुरू की। इसे वैल्यू बाइंग के तौर पर देखा जा रहा है। खरीदारी बढ़ने से सेंसेक्स अपने दिन के निचले स्तर से करीब 424 अंक ऊपर पहुंचा।
वहीं निफ्टी भी अपने लो से करीब 129 अंक की रिकवरी करने में कामयाब रहा। आईटी शेयरों में खरीदारी ने भी बाजार की रिकवरी को सहारा दिया।
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वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में दिखी बढ़त
भारतीय बाजार के लिए एक राहत भरा संकेत अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स से भी मिला। शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में मजबूती दिखाई दी।
इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 316.56 अंक यानी 0.6 फीसदी गिरकर 52,064.10 पर बंद हुआ।
वहीं S&P 500 में 44.66 अंक यानी 0.58 फीसदी की गिरावट रही और यह 7,591.70 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट भी 171.62 अंक यानी 0.65 फीसदी गिरकर 26,081.73 पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर
भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड करीब 2 फीसदी की गिरावट के साथ 105.55 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। तेल सस्ता होने से आयात बिल और महंगाई के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
आगे बाजार के लिए क्या रहेंगे अहम संकेत?
शुक्रवार के कारोबार में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के रुझान, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। शुरुआती गिरावट के बाद आई रिकवरी से बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत जरूर मिला है, लेकिन अस्थिरता अभी बनी हुई है।

