पैनक्रिएटिक कैंसर के इलाज में बड़ी कामयाबी, FDA ने नई दवा डाराक्सोनरासिब को मंजूरी दी। जानें कैसे काम करती है दवा, ट्रायल के नतीजे और कीमत।
पैनक्रिएटिक कैंसर की नई दवा: पैनक्रिएटिक यानी अग्न्याशय के कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने एडवांस्ड पैनक्रिएटिक कैंसर के इलाज के लिए नई टारगेटेड दवा डाराक्सोनरासिब (Daraxonrasib) को मंजूरी दे दी है। इसे RASONQUE ब्रांड नाम से उपलब्ध कराया जाएगा।
यह दवा खास तौर पर उन वयस्क मरीजों के लिए स्वीकृत हुई है जिनका पैनक्रिएटिक एडेनोकार्सिनोमा शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल चुका है और जिन्हें पहले कम से कम एक प्रणालीगत कैंसर उपचार दिया जा चुका है।
कौन सी दवा हुई मंजूर?
FDA ने डाराक्सोनरासिब को मंजूरी दी है। यह कोई वैक्सीन नहीं बल्कि मुंह से लेने वाली लक्षित कैंसर दवा है। इसे दिन में एक बार गोली के रूप में लिया जाता है।
इस दवा को विकसित करने वाली कंपनी रेवोल्यूशन मेडिसिन्स है। दवा को खास इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि में भूमिका निभाने वाले RAS प्रोटीन परिवार को निशाना बनाती है।
कैसे काम करती है डाराक्सोनरासिब?
RAS शरीर की कोशिकाओं में वृद्धि और विभाजन से जुड़े संकेतों को नियंत्रित करने वाले प्रोटीन का एक परिवार है। जब इस प्रक्रिया में असामान्य बदलाव होता है तो कैंसर कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि में मदद मिल सकती है।
डाराक्सोनरासिब को इसी RAS प्रक्रिया को रोकने के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य कैंसर कोशिकाओं को मिलने वाले वृद्धि संबंधी संकेतों को बाधित करना है।
पैनक्रिएटिक कैंसर में RAS से जुड़ी गड़बड़ियां काफी आम पाई जाती हैं। इसी वजह से इस क्षेत्र में लक्षित दवा विकसित करना लंबे समय से वैज्ञानिकों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती रहा है।
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क्लिनिकल ट्रायल में क्या सामने आया?
इस दवा की प्रभावशीलता का आकलन एक चरण-3 क्लिनिकल ट्रायल में किया गया, जिसमें 500 मरीजों को शामिल किया गया था। ये ऐसे मरीज थे जिनका मेटास्टैटिक पैनक्रिएटिक कैंसर पहले दिए गए उपचार के बावजूद बढ़ गया था। अध्ययन में कुछ मरीजों को डाराक्सोनरासिब दिया गया, जबकि दूसरे समूह को डॉक्टर की पसंद के अनुसार मानक कीमोथेरेपी दी गई।
नतीजों में डाराक्सोनरासिब लेने वाले मरीजों में औसत समग्र जीवित रहने की अवधि 13.2 महीने रही, जबकि मानक कीमोथेरेपी वाले समूह में यह 6.7 महीने थी।
इसके अलावा, नई दवा लेने वाले मरीजों में बीमारी के बढ़ने में भी अधिक समय लगा और ट्यूमर के सिकुड़ने की दर standard chemotherapy की तुलना में बेहतर रही।
क्या इस दवा के साइड इफेक्ट भी हैं?
कैंसर की अन्य दवाओं की तरह डाराक्सोनरासिब के साथ भी कुछ दुष्प्रभाव देखे जा सकते हैं। इनमें त्वचा पर चकत्ते, दस्त, मुंह में सूजन या घाव, मतली, थकान, उल्टी, पेट दर्द, सूजन और भूख कम लगना शामिल हैं। कुछ गंभीर दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। इसलिए इस दवा का इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह और निगरानी में ही किया जाना चाहिए।
अमेरिका में कितनी है दवा की कीमत?
कंपनी के अनुसार, अमेरिका में RASONQUE की 30 दिनों की दवा के लिए 39,800 डॉलर का थोक मूल्य निर्धारित किया गया है। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 33 लाख रुपये के आसपास बैठती है।
हालांकि, मरीज को वास्तव में कितना भुगतान करना होगा, यह बीमा, अस्पताल, टैक्स, मुद्रा विनिमय दर और अन्य चिकित्सा खर्चों पर निर्भर कर सकता है।
दूसरे कैंसर के इलाज में भी मिल सकती है मदद?
RAS प्रोटीन से जुड़ी असामान्यताएं सिर्फ पैनक्रिएटिक कैंसर तक सीमित नहीं हैं। कई अन्य कैंसर में भी यह pathway महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए वैज्ञानिक RAS को निशाना बनाने वाली दवाओं पर लगातार शोध कर रहे हैं।
हालांकि, फिलहाल RASONQUE की मंजूरी मेटास्टैटिक पैनक्रिएटिक एडेनोकार्सिनोमा के लिए निर्धारित मरीजों तक सीमित है। दूसरे कैंसर में इसके इस्तेमाल के लिए अलग से पर्याप्त क्लिनिकल प्रमाण और नियामकीय मंजूरी जरूरी होगी।
पैनक्रिएटिक कैंसर में क्यों अहम है यह मंजूरी?
पैनक्रिएटिक कैंसर को गंभीर और चुनौतीपूर्ण कैंसर में गिना जाता है। इसका पता अक्सर बीमारी बढ़ने के बाद चलता है, जिससे इलाज के विकल्प सीमित हो सकते हैं।
ऐसे में RASONQUE जैसी नई लक्षित दवा की मंजूरी मरीजों के लिए एक अतिरिक्त उपचार विकल्प उपलब्ध कराती है। हालांकि, इसे हर मरीज के लिए उपयुक्त इलाज नहीं माना जा सकता। दवा लेने का निर्णय मरीज की बीमारी की स्थिति और डॉक्टर की सलाह के आधार पर होना चाहिए।

