बाजार में बिक रही मिलावटी चीनी से स्वास्थ्य पर बढ़ रहा खतरा, जानिए चॉक, प्लास्टिक और वॉशिंग सोडा मिली नकली चीनी की पहचान करने के आसान घरेलू तरीके।
भारत के लगभग हर घर में चीनी का इस्तेमाल रोजाना किया जाता है। सुबह की चाय से लेकर मिठाइयों, ठंडे पेय और कई खाद्य पदार्थों तक चीनी हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुकी है। लेकिन अब यही चीनी लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। बाजार में मिलावटी चीनी की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं और विशेषज्ञों का कहना है कि कई जगहों पर वजन बढ़ाने और अधिक चमक देने के लिए चीनी में खतरनाक पदार्थ मिलाए जा रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार कुछ व्यापारी अधिक मुनाफा कमाने के लिए चीनी में चॉक पाउडर, वॉशिंग सोडा, सफेद रेत, स्टार्च और यहां तक कि प्लास्टिक जैसे कण भी मिला रहे हैं। यह मिलावट न केवल चीनी की गुणवत्ता खराब करती है बल्कि लंबे समय तक सेवन करने पर शरीर को गंभीर नुकसान भी पहुंचा सकती है।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर
विशेषज्ञों के अनुसार मिलावटी चीनी का लगातार सेवन करने से पेट दर्द, गैस, अपच, उल्टी, पाचन संबंधी समस्याएं और किडनी पर असर पड़ सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खतरा और अधिक गंभीर माना जाता है। मधुमेह के मरीजों को भी ऐसी चीनी से खास सावधान रहने की सलाह दी जा रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि रासायनिक पदार्थों से मिलावटी चीनी शरीर में धीरे-धीरे जहरीले तत्व जमा कर सकती है। इससे लंबे समय में लीवर और किडनी की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है। कई मामलों में मिलावटी खाद्य पदार्थों से एलर्जी और त्वचा संबंधी परेशानियां भी सामने आई हैं।
खाद्य सुरक्षा एजेंसियों ने जारी की चेतावनी
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने समय-समय पर लोगों को खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर जागरूक किया है। एजेंसी के अनुसार उपभोक्ताओं को बहुत अधिक चमकदार और अत्यधिक सफेद दिखने वाली चीनी खरीदने से बचना चाहिए। सामान्य चीनी का रंग हल्का प्राकृतिक सफेद होता है, जबकि जरूरत से ज्यादा चमक कई बार रासायनिक मिलावट का संकेत हो सकती है।
खाद्य विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों और शादी के मौसम में मिलावटी चीनी का कारोबार अधिक बढ़ जाता है क्योंकि उस समय मांग ज्यादा होती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
also read : सोनी का नया प्रीमियम स्मार्टफोन बना चर्चा का केंद्र, जबरदस्त कैमरा और ताकतवर प्रोसेसर से बढ़ी प्रतिस्पर्धा
घर पर ऐसे करें मिलावटी चीनी की पहचान
पानी में घोलकर करें जांच
एक गिलास साफ पानी लें और उसमें एक चम्मच चीनी डालें। यदि चीनी पूरी तरह घुलने के बाद नीचे सफेद मिट्टी या चॉक जैसा पदार्थ जमा हो जाए तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है। शुद्ध चीनी सामान्य रूप से बिना अवशेष छोड़े घुल जाती है।
हथेली पर रगड़कर पहचानें
थोड़ी सी चीनी हथेली पर लेकर रगड़ें। यदि हाथ पर सफेद पाउडर रह जाए या चिकनापन महसूस हो तो उसमें चॉक पाउडर या अन्य रसायन मिलाए गए हो सकते हैं।
गर्म करके करें परीक्षण
एक चम्मच में थोड़ी चीनी लेकर गर्म करें। शुद्ध चीनी गर्म होने पर भूरे रंग में बदलती है और सामान्य खुशबू देती है। यदि चीनी से तेज बदबू, काला धुआं या राख जैसी परत निकले तो उसमें मिलावट हो सकती है।
रंग और चमक पर रखें नजर
जरूरत से ज्यादा चमकदार और असामान्य रूप से सफेद चीनी में रासायनिक पदार्थ मिलाए जाने की संभावना अधिक होती है। प्राकृतिक चीनी हल्की ऑफ-व्हाइट या सामान्य सफेद दिखाई देती है।
खरीदते समय रखें ये सावधानियां
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें। खुली चीनी लेने के बजाय पैक बंद और प्रमाणित उत्पादों को प्राथमिकता दें। खरीदते समय पैकेट पर निर्माण तिथि, गुणवत्ता प्रमाणन और निर्माता की जानकारी जरूर जांचें।
इसके अलावा बहुत सस्ती कीमत पर मिलने वाली चीनी से बचना चाहिए क्योंकि कई बार कम कीमत के लालच में लोग मिलावटी उत्पाद खरीद लेते हैं। उपभोक्ताओं को यह भी सलाह दी जा रही है कि किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग को तुरंत दें।
बढ़ती जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
खाद्य विशेषज्ञों का मानना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ जागरूकता ही सबसे प्रभावी हथियार है। यदि लोग खरीदारी के दौरान सतर्क रहें और घर पर छोटी-छोटी जांच करना सीख लें तो नकली और मिलावटी चीनी से काफी हद तक बचा जा सकता है।
सरकार और खाद्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार जांच अभियान चला रही हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। इसलिए अगली बार चीनी खरीदते समय उसकी चमक और कीमत के बजाय उसकी गुणवत्ता और शुद्धता पर जरूर ध्यान दें।

