हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने दसवीं वार्षिक परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है, जिसमें नियमित विद्यार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 89.60 रहा और छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने सैकेण्डरी वार्षिक परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार नियमित परीक्षार्थियों का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 89.60 रहा, जबकि स्वयंपाठी विद्यार्थियों का परिणाम 70.02 प्रतिशत दर्ज किया गया। बोर्ड द्वारा जारी परिणाम में एक बार फिर छात्राओं ने छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हुए बढ़त हासिल की है।
बोर्ड प्रशासन के अनुसार विद्यार्थी अपना परीक्षा परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर पर देख सकते हैं। परिणाम घोषित होने के बाद प्रदेशभर के विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया
इस वर्ष नियमित परीक्षा में छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में अधिक बेहतर रहा। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार छात्राओं की उत्तीर्ण प्रतिशतता 91.64 रही, जबकि छात्रों का परिणाम 87.69 प्रतिशत दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों से छात्राएं लगातार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं, जो बदलते सामाजिक माहौल और शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
लाखों विद्यार्थियों ने दी परीक्षा
दसवीं की नियमित परीक्षा में कुल 2 लाख 76 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया था। इनमें से 2 लाख 47 हजार से ज्यादा विद्यार्थी सफल घोषित किए गए।
बोर्ड के अनुसार कुछ विद्यार्थियों का परिणाम आवश्यक पुनः परीक्षा श्रेणी में रखा गया है, जिसके तहत उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी।
निजी विद्यालयों का प्रदर्शन बेहतर
बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार निजी विद्यालयों का परिणाम सरकारी विद्यालयों की तुलना में बेहतर रहा।
जहां सरकारी विद्यालयों का उत्तीर्ण प्रतिशत 87.23 दर्ज किया गया, वहीं निजी विद्यालयों का परिणाम 92.45 प्रतिशत रहा।
हालांकि शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में भी लगातार सुधार देखने को मिल रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने इस बार अच्छा प्रदर्शन किया है।
ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों ने दिखाई मजबूती
इस बार ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों का प्रदर्शन शहरी क्षेत्रों से बेहतर रहा।
ग्रामीण विद्यार्थियों की उत्तीर्ण प्रतिशतता 90.25 रही, जबकि शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों का परिणाम 87.94 प्रतिशत दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है।
चरखी दादरी जिला रहा अव्वल
जिलावार प्रदर्शन में चरखी दादरी ने पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद जींद और महेंद्रगढ़ जिलों ने दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।
वहीं नूंह जिला इस बार सबसे नीचे रहा।
शिक्षा विभाग के जानकारों का कहना है कि जिलों के प्रदर्शन का विश्लेषण भविष्य की शिक्षा नीतियों और सुधार योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
मुक्त विद्यालय का परिणाम भी घोषित
हरियाणा बोर्ड ने मुक्त विद्यालय परीक्षा का परिणाम भी घोषित कर दिया है।
मुक्त विद्यालय की नई श्रेणी में उत्तीर्ण प्रतिशत 11.17 रहा, जबकि पुनः परीक्षा श्रेणी का परिणाम 47.64 प्रतिशत दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुक्त विद्यालय उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है जो किसी कारणवश नियमित शिक्षा से जुड़ नहीं पाते।
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प्रदेशभर के विद्यार्थियों ने बनाई मेरिट में जगह
इस बार प्रदेशभर में कुल 16 विद्यार्थियों ने शीर्ष स्थान हासिल किए हैं।
भिवानी जिले की छात्रा दीपिका ने 499 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया।
दूसरे स्थान पर चार विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से जगह बनाई, जबकि तीसरे स्थान पर 11 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि मेरिट सूची में ग्रामीण और छोटे क्षेत्रों के विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी शिक्षा के विस्तार का सकारात्मक संकेत है।
पुनर्मूल्यांकन और पुनः जांच का अवसर
बोर्ड प्रशासन ने कहा है कि जो विद्यार्थी अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं वे उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जांच या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसके लिए विद्यार्थियों को निर्धारित शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आवेदन परिणाम घोषित होने की तिथि से 20 दिनों के भीतर करना होगा।
डिजिलॉकर और वेबसाइट पर उपलब्ध परिणाम
विद्यार्थियों को परिणाम देखने के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए बोर्ड ने डिजिलॉकर और आधिकारिक वेबसाइट दोनों माध्यम उपलब्ध कराए हैं।
विद्यार्थी अनुक्रमांक, पंजीकरण संख्या या अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज कर अपना परिणाम देख सकते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों ने दी शुभकामनाएं
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा केवल जीवन का एक चरण है और विद्यार्थियों को आगे भी निरंतर मेहनत करनी चाहिए।
अभिभावकों में खुशी का माहौल
परिणाम घोषित होने के बाद प्रदेशभर में कई घरों में खुशी का माहौल देखने को मिला।
अभिभावकों ने बच्चों की सफलता पर मिठाइयां बांटी और खुशी जाहिर की।
विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार का सहयोग विद्यार्थियों की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
शिक्षा व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत
इस बार का परिणाम हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते उत्तीर्ण प्रतिशत और छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन से यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में शिक्षा के स्तर में सुधार हो रहा है।
हरियाणा बोर्ड का यह परिणाम लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के लिए नई उम्मीद और नई दिशा लेकर आया है।

