हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने डीएलएड पुनः परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है, जिसमें दूसरे वर्ष का उत्तीर्ण प्रतिशत 81.76 दर्ज किया गया।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने डीएलएड पुनः परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। परिणाम जारी होने के बाद प्रदेशभर के हजारों छात्र-अध्यापकों को बड़ी राहत मिली है। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस परीक्षा में दूसरे वर्ष के विद्यार्थियों का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है।
बोर्ड प्रशासन ने बताया कि परीक्षार्थी अपना परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर के माध्यम से देख सकते हैं। इसके साथ ही प्रदर्शन पत्र संबंधित शिक्षण संस्थानों की प्रवेश पहचान प्रणाली पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
हजारों छात्र-अध्यापकों ने दी परीक्षा
बोर्ड द्वारा आयोजित डीएलएड पुनः परीक्षा में प्रदेशभर से कुल 5315 छात्र-अध्यापक शामिल हुए थे।
यह परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई थी जो पहले प्रयास में सफल नहीं हो सके थे और दोबारा परीक्षा देकर अपने शैक्षणिक सत्र को आगे बढ़ाना चाहते थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुनः परीक्षा विद्यार्थियों को दूसरा अवसर प्रदान करती है, जिससे वे अपने भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं।
दूसरे वर्ष का परिणाम सबसे बेहतर
बोर्ड द्वारा जारी परिणाम के अनुसार प्रवेश वर्ष 2023-25 के दूसरे वर्ष का उत्तीर्ण प्रतिशत 81.76 दर्ज किया गया, जो सबसे अधिक रहा।
वहीं प्रथम वर्ष के पुनः परीक्षा परिणाम में 62.50 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए।
इसके अलावा प्रवेश वर्ष 2024-26 प्रथम वर्ष का परिणाम 65.13 प्रतिशत दर्ज किया गया।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरे वर्ष के विद्यार्थियों का बेहतर प्रदर्शन उनके अनुभव और तैयारी को दर्शाता है।
शिक्षक शिक्षा में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में पिछले कुछ वर्षों में प्रतिस्पर्धा और गंभीरता दोनों बढ़ी हैं।
आज के समय में विद्यार्थी केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहते बल्कि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर करियर अवसरों की ओर भी ध्यान दे रहे हैं।
डीएलएड जैसे पाठ्यक्रम प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बोर्ड ने दी पुनर्मूल्यांकन की सुविधा
बोर्ड प्रशासन ने कहा है कि जो परीक्षार्थी अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं वे उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जांच या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसके लिए विद्यार्थियों को निर्धारित शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि परिणाम घोषित होने की तिथि से 20 दिनों के भीतर आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
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डिजिलॉकर और वेबसाइट पर उपलब्ध परिणाम
विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने परिणाम ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध करवाया है।
परीक्षार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर के माध्यम से अपना परिणाम आसानी से देख सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था से विद्यार्थियों को समय पर परिणाम प्राप्त करने में सुविधा मिलती है और पारदर्शिता भी बनी रहती है।
प्रदर्शन पत्र संस्थानों को भेजे जाएंगे
बोर्ड ने बताया कि छात्र-अध्यापकों की प्रदर्शन पत्र संबंधित शिक्षण संस्थानों की प्रवेश पहचान प्रणाली पर उपलब्ध करवाई जाएगी।
इससे संस्थानों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति का सही रिकॉर्ड बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
शिक्षक बनने का सपना पूरा करने की दिशा में कदम
डीएलएड पाठ्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है जो प्राथमिक शिक्षक बनने का सपना देखते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशिक्षित और योग्य शिक्षक ही शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
ऐसे में डीएलएड परीक्षा का महत्व केवल परिणाम तक सीमित नहीं बल्कि भविष्य की शिक्षा गुणवत्ता से भी जुड़ा हुआ है।
शिक्षा विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दी सलाह
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें आगे भी निरंतर मेहनत और सीखने की प्रक्रिया जारी रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने का कार्य नहीं करता बल्कि समाज और नई पीढ़ी के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
परिवारों में खुशी का माहौल
परिणाम घोषित होने के बाद सफल विद्यार्थियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल देखा गया।
कई विद्यार्थियों ने कहा कि पुनः परीक्षा उनके लिए नया अवसर साबित हुई और अब वे अपने करियर को आगे बढ़ा सकेंगे।
शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत बनाने की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को और अधिक आधुनिक और व्यावहारिक बनाना आवश्यक होगा।
नई शिक्षा नीति के तहत भी कौशल आधारित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है।
शिक्षा व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत
डीएलएड पुनः परीक्षा परिणाम को शिक्षा व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का सफल होना यह दर्शाता है कि शिक्षक प्रशिक्षण के प्रति विद्यार्थियों में गंभीरता बढ़ रही है।
हरियाणा बोर्ड द्वारा समय पर परिणाम जारी करने को भी विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।

