कैलगरी कार्यक्रम के बाद दिलजीत दोसांझ का बड़ा बयान, बोले- “मेरे प्रशंसकों को परेशान करना बर्दाश्त नहीं”
पंजाबी संगीत जगत और भारतीय मनोरंजन उद्योग के लोकप्रिय कलाकार दिलजीत दोसांझ एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गए हैं। कनाडा के कैलगरी शहर में आयोजित उनके “ऑरा वर्ल्ड टूर” कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे के बाद गायक ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर जारी एक विस्तृत संदेश में दिलजीत ने स्पष्ट कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य लोगों का मनोरंजन करना और पंजाबी संस्कृति को दुनियाभर तक पहुंचाना है।
हाल ही में कैलगरी में आयोजित उनके संगीत कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर खालिस्तान समर्थक झंडे लहराने और कार्यक्रम के भीतर व्यवधान पैदा करने की खबरें सामने आई थीं। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर गायक को लेकर कई प्रकार की चर्चाएं और आरोप लगाए जाने लगे। अब दिलजीत दोसांझ ने इन आरोपों और विवादों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी प्रकार से उनके प्रशंसकों को परेशान करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
“कार्यक्रम खराब करने वालों को बाहर निकालने को कहा”
दिलजीत दोसांझ ने अपने संदेश में कहा कि किसी को भी कार्यक्रम स्थल के बाहर विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति अंदर आकर दर्शकों और प्रशंसकों को परेशान करने की कोशिश करेगा तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई लोग अपने क्षेत्र या समुदाय का प्रतिनिधित्व करने के लिए झंडे और बैनर लेकर आते हैं, लेकिन यदि उसी बहाने कार्यक्रम में अव्यवस्था फैलाने का प्रयास किया जाए तो कार्रवाई जरूरी हो जाती है।
गायक ने कहा कि उन्होंने सुरक्षा कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जो भी व्यक्ति कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश करे, उसे तुरंत बाहर किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी विशेष झंडे या प्रतीक के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की, बल्कि उनका विरोध केवल कार्यक्रम में अव्यवस्था फैलाने की मानसिकता के खिलाफ था।
“फर्जी कथाएं फैलाना बंद करें”
दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और कथित झूठे प्रचार पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वह इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं बोल रहे थे, लेकिन अब लगातार गलत तरीके से उनकी छवि पेश किए जाने के कारण उन्हें प्रतिक्रिया देनी पड़ी।
उन्होंने लिखा कि लोग फर्जी कथाएं गढ़कर उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं। उनका कहना था कि वह केवल संगीत और मनोरंजन के माध्यम से लोगों को जोड़ने का प्रयास करते हैं और उनका किसी राजनीतिक एजेंडे से कोई संबंध नहीं है।
also read : रणवीर सिंह निभाएंगे भगवान शिव का किरदार, अमीश त्रिपाठी की ‘द इम्मॉर्टल्स ऑफ मेलुहा’ पर बनेगी भव्य त्रयी फिल्म श्रृंखला
विदेशों में बढ़ती राजनीतिक बहस के बीच कलाकारों पर दबाव
पिछले कुछ वर्षों में विदेशों में आयोजित भारतीय कलाकारों के कार्यक्रमों के दौरान राजनीतिक नारों, झंडों और विरोध प्रदर्शनों की घटनाएं बढ़ी हैं। विशेष रूप से पंजाबी कलाकारों को कई बार राजनीतिक विवादों में घसीटा गया है। दिलजीत दोसांझ भी पिछले कुछ समय से ऐसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार कैलगरी कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने मंच के पास खड़े होकर नारेबाजी और झंडे लहराने की कोशिश की, जिसके कारण कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित हुआ। हालांकि बाद में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के बाद कार्यक्रम दोबारा शुरू किया गया।
भारत और विदेश दोनों जगहों पर आलोचना का सामना
दिलजीत दोसांझ ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्हें अलग-अलग पक्षों से विरोध झेलना पड़ रहा है। उन्होंने इशारों में कहा कि भारत में कुछ लोग उन्हें “खालिस्तानी” कहकर निशाना बनाते हैं, जबकि विदेशों में कुछ कट्टरपंथी समूह उन्हें “भारत समर्थक” कहकर आलोचना करते हैं।
गायक का कहना है कि वह किसी भी राजनीतिक विचारधारा का हिस्सा नहीं हैं और उनका ध्यान केवल संगीत, कला और मनोरंजन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि कलाकार का काम लोगों को जोड़ना होता है, न कि उन्हें बांटना।
अमिताभ बच्चन के प्रति सम्मान दिखाने पर भी हुआ था विवाद
पिछले वर्ष दिलजीत दोसांझ उस समय भी विवादों में आ गए थे जब उन्होंने लोकप्रिय कार्यक्रम “कौन बनेगा करोड़पति” में अभिनेता अमिताभ बच्चन के प्रति सम्मान व्यक्त किया था। उस दौरान कुछ विदेशी समूहों ने उनके खिलाफ अभियान चलाते हुए उनके अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के बहिष्कार की मांग की थी।
इसके बावजूद दिलजीत दोसांझ ने अपने कार्यक्रम जारी रखे और लगातार दुनिया के अलग-अलग देशों में पंजाबी संगीत और भारतीय संस्कृति का प्रचार किया।
दुनियाभर में बढ़ रही दिलजीत दोसांझ की लोकप्रियता
दिलजीत दोसांझ वर्तमान समय में भारतीय मनोरंजन जगत के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में गिने जाते हैं। संगीत, अभिनय और मंच प्रदर्शन के जरिए उन्होंने भारत ही नहीं बल्कि कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी बड़ी पहचान बनाई है। उनके कार्यक्रमों में हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचते हैं।
उनका “ऑरा वर्ल्ड टूर” भी दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दौरे के दौरान दिलजीत पंजाबी संस्कृति, संगीत और भारतीय परंपराओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर रहे हैं। हालांकि बढ़ती लोकप्रियता के साथ राजनीतिक और सामाजिक विवाद भी उनके साथ जुड़ते जा रहे हैं।
मनोरंजन और संस्कृति को आगे बढ़ाने पर ध्यान
दिलजीत दोसांझ ने अपने संदेश के अंत में “प्यार और शांति” का संदेश देते हुए कहा कि वह आगे भी अपने संगीत और कला के माध्यम से लोगों का मनोरंजन करते रहेंगे। उन्होंने अपने प्रशंसकों का समर्थन और प्यार बनाए रखने के लिए धन्यवाद भी दिया।
मनोरंजन जगत के जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय कलाकारों की बढ़ती मौजूदगी के कारण अब सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ राजनीतिक बहसें भी जुड़ती जा रही हैं। ऐसे माहौल में कलाकारों के लिए संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

