दीपिका कक्कड़ के वजन घटने पर एक्सपर्ट ने बताया कि कब वजन कम होना सेहत के लिए चिंता का कारण हो सकता है। जानें डाइट और पोषण से जुड़ी जरूरी बातें।
टीवी अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ इन दिनों अपने वजन में आए बदलाव को लेकर चर्चा में हैं। उनके पति और अभिनेता शोएब इब्राहिम ने हाल ही में अपने यूट्यूब व्लॉग में दीपिका की एक झलक दिखाई, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके बदले हुए लुक की चर्चा होने लगी। व्लॉग में शोएब ने बताया कि दीपिका का वजन पहले की तुलना में काफी कम हुआ है।
शोएब के मुताबिक, दीपिका के वजन में यह बदलाव इलाज, खान-पान और जीवनशैली में आए बदलावों से जुड़ा है। दीपिका ने भी बातचीत के दौरान बताया कि लंबे समय बाद उनके वजन में इतनी कमी देखने को मिली है।
दीपिका ने लाइफस्टाइल में किए बदलाव
दीपिका कक्कड़ पहले भी अपनी दिनचर्या में धीरे-धीरे बदलाव करने की बात साझा कर चुकी हैं। उन्होंने खान-पान में सुधार के साथ नियमित वॉक और एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है।
अभिनेत्री ने यह भी सलाह दी है कि किसी दूसरे व्यक्ति की डाइट या फिटनेस रूटीन को देखकर उसे सीधे अपनाना सही नहीं है। खासतौर पर यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्या है या वह किसी तरह का उपचार करा रहा है, तो डाइट और एक्सरसाइज में बदलाव विशेषज्ञ की सलाह से करना चाहिए।
क्या वजन कम होना हमेशा अच्छी सेहत का संकेत है?
दीपिका के वजन घटने की चर्चा के बीच विशेषज्ञों ने एक महत्वपूर्ण बात सामने रखी है। केवल शरीर का वजन कम होना यह साबित नहीं करता कि व्यक्ति पहले से ज्यादा स्वस्थ हो गया है।
द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में डाइट और फिटनेस विशेषज्ञ गरिमा गोयल ने बताया कि वजन कम होने के पीछे की वजह को समझना बेहद जरूरी है। यदि वजन संतुलित डाइट, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली के जरिए योजनाबद्ध तरीके से कम किया गया है, तो स्थिति अलग होती है। वहीं बीमारी या मेडिकल ट्रीटमेंट के कारण बिना प्रयास के वजन कम होना अलग परिस्थिति हो सकती है।
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बीमारी या इलाज के दौरान मसल्स लॉस का भी खतरा
विशेषज्ञ के अनुसार, लंबे समय तक बीमारी या उपचार की स्थिति में अनजाने में वजन कम होने के साथ मांसपेशियों का नुकसान और शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है।
ऐसे मामलों में केवल वजन कम करने पर ध्यान देना उचित नहीं माना जाता। शरीर को पर्याप्त पोषण देना, मांसपेशियों की ताकत बनाए रखना और रिकवरी पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।
सिर्फ पतला दिखना हेल्दी होने की गारंटी नहीं
सोशल मीडिया पर अक्सर स्लिम फिगर को फिटनेस से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक किसी व्यक्ति की सेहत का आकलन केवल उसके वजन या शरीर के आकार से नहीं किया जा सकता।
ऊर्जा का स्तर, मांसपेशियों की ताकत, पोषण, रिकवरी और व्यक्ति की पूरी मेडिकल स्थिति भी स्वास्थ्य को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है डाइट
अगर कोई व्यक्ति किसी बीमारी का इलाज करा रहा है, तो उसकी पोषण संबंधी जरूरतें सामान्य वजन घटाने वाले व्यक्ति से अलग हो सकती हैं। इसलिए इंटरनेट या सोशल मीडिया पर किसी अन्य व्यक्ति की डाइट देखकर उसे अपनाने से बचना चाहिए।
विशेषज्ञों की सलाह है कि इलाज के दौरान डाइट प्लान व्यक्ति की बीमारी, लक्षणों, उपचार और डॉक्टर की सलाह के आधार पर तय किया जाना चाहिए। कई मामलों में लक्ष्य वजन घटाना नहीं, बल्कि पर्याप्त कैलोरी और प्रोटीन लेना, मांसपेशियों को मजबूत रखना और शरीर की ताकत बनाए रखना हो सकता है।

