अमीश त्रिपाठी की लोकप्रिय पौराणिक गाथा पर बनेगी भव्य फिल्म श्रृंखला, भगवान शिव के किरदार में नजर आ सकते हैं रणवीर सिंह
भारतीय पौराणिक कथाओं और आधुनिक सिनेमा के मेल से एक और भव्य परियोजना सामने आने जा रही है। चर्चित अभिनेता रणवीर सिंह अब लेखक अमीश त्रिपाठी की विश्वप्रसिद्ध पुस्तक श्रृंखला ‘द इम्मॉर्टल्स ऑफ मेलुहा’ को बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी में जुट गए हैं। खबरों के अनुसार यह परियोजना केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे तीन बड़ी फिल्मों की श्रृंखला के रूप में विकसित किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार रणवीर सिंह इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अपने निर्माण बैनर “मां कसम फिल्म्स” के तहत आगे बढ़ा रहे हैं। इस परियोजना में उनके साथ उद्योगपति परिवार से जुड़ी अनन्या बिरला की संस्था बिरला स्टूडियो भी सहयोग कर रही है। बताया जा रहा है कि यह फिल्म श्रृंखला अमीश त्रिपाठी की तीन लोकप्रिय पुस्तकों — ‘द इम्मॉर्टल्स ऑफ मेलुहा’, ‘द सीक्रेट ऑफ द नागाज’ और ‘द ओथ ऑफ द वायुपुत्राज’ — पर आधारित होगी।
सबसे खास बात यह है कि रणवीर सिंह स्वयं इस फिल्म श्रृंखला में भगवान शिव की मुख्य भूमिका निभाते दिखाई दे सकते हैं। हालांकि अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन फिल्म जगत में इस खबर ने उत्साह बढ़ा दिया है। यदि यह परियोजना तय योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो यह भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी पौराणिक फिल्म श्रृंखलाओं में शामिल हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक इस समय परियोजना शुरुआती विकास चरण में है और पूरी टीम कहानी, पटकथा तथा काल्पनिक संसार की संरचना पर गंभीरता से काम कर रही है। निर्माता इस फिल्म श्रृंखला को केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाले बड़े सिनेमाई संसार के रूप में विकसित करना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि पहले भाग की शूटिंग वर्ष 2028 में शुरू हो सकती है।
फिल्म से जुड़े करीबी सूत्रों का कहना है कि रणवीर सिंह लंबे समय से ‘मेलुहा’ को पर्दे पर लाने की इच्छा रखते थे। हाल ही में पुस्तक के अधिकार हासिल किए गए हैं और अब आधिकारिक रूप से इस पर काम शुरू हो चुका है। निर्माण टीम इस परियोजना को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रस्तुति के रूप में तैयार करना चाहती है ताकि भारतीय पौराणिक कथाओं को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाया जा सके।
also read : सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया सांस्कृतिक चेतना का आह्वान, पिहोवा में 101 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
सूत्रों के अनुसार फिलहाल पूरी प्राथमिकता पटकथा और विश्व निर्माण पर दी जा रही है। निर्माता चाहते हैं कि कहानी का हर पहलू गहराई से तैयार किया जाए ताकि दर्शकों को एक विशाल और प्रभावशाली सिनेमाई अनुभव मिल सके। यही कारण है कि निर्देशक के नाम पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। कहा जा रहा है कि जब पटकथा का काम एक निश्चित स्तर तक पहुंच जाएगा, तभी निर्देशक और बाकी कलाकारों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
अमीश त्रिपाठी की यह पुस्तक श्रृंखला भारतीय पाठकों के बीच बेहद लोकप्रिय रही है। इन पुस्तकों में भगवान शिव को एक देवता के रूप में नहीं, बल्कि एक महान योद्धा और असाधारण व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो परिस्थितियों के चलते महादेव बनते हैं। यही अनोखी प्रस्तुति पाठकों को काफी पसंद आई थी और वर्षों से इसके फिल्म रूपांतरण की मांग की जा रही थी।
फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना सही तरीके से बनाई जाती है तो यह भारतीय सिनेमा के लिए वैसी ही बड़ी श्रृंखला साबित हो सकती है जैसी विदेशी सिनेमा में काल्पनिक और पौराणिक कथाओं पर आधारित फिल्में रही हैं। भारतीय संस्कृति, इतिहास और पौराणिक कथाओं को आधुनिक तकनीक और भव्य प्रस्तुति के साथ दिखाने का यह प्रयास वैश्विक स्तर पर भी बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।
रणवीर सिंह के प्रशंसकों के बीच भी इस खबर को लेकर भारी उत्साह है। अभिनेता अपनी ऊर्जा, अभिनय शैली और बड़े किरदारों को निभाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले भी वह ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में दर्शकों का दिल जीत चुके हैं। ऐसे में भगवान शिव जैसे विशाल और प्रभावशाली किरदार में उन्हें देखने की संभावना ने प्रशंसकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।
फिल्म उद्योग में यह भी चर्चा है कि इस परियोजना के लिए अत्याधुनिक दृश्य प्रभाव तकनीक, विशाल सेट और अंतरराष्ट्रीय स्तर की निर्माण गुणवत्ता का इस्तेमाल किया जाएगा। निर्माता इसे केवल भारतीय दर्शकों तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय पौराणिक कथाओं की ताकत दिखाने की योजना बना रहे हैं।
इस बीच रणवीर सिंह अपने अन्य फिल्मी प्रोजेक्ट्स में भी व्यस्त हैं। वह निर्देशक हंसल मेहता की आगामी फिल्म ‘प्रलय’ पर काम कर रहे हैं, जिसमें कथित तौर पर भय और रोमांच से जुड़ी कहानी दिखाई जाएगी। इसके अलावा अभिनेता के पास कई अन्य बड़ी परियोजनाएं भी चर्चा में हैं।
यदि ‘मेलुहा’ फिल्म श्रृंखला सफलतापूर्वक बनती है, तो यह भारतीय सिनेमा के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकती है। लंबे समय से दर्शक ऐसी भव्य पौराणिक फिल्मों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो भारतीय संस्कृति की गहराई और आधुनिक तकनीक का शानदार संगम पेश कर सकें। रणवीर सिंह और बिरला स्टूडियो की यह महत्वाकांक्षी योजना अब उसी दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

