Heart Fat Problem: दिल में फैट जमा होना वैसे ही खतरनाक है जैसे लिवर में फैट जमा होता है। नियमित जांच, स्वस्थ लाइफस्टाइल और अवेयरनेस आपके दिल को फिट और फैट-फ्री रख सकते हैं।
Heart Fat Problem: फैटी लिवर..आजकल यह एक बहुत आम समस्या बन गया है। इससे हर उम्र के लोग परेशान हैं। फैटी लिवर की समस्या, बहुत ज्यादा शराब पीने और उल्टा-सीधा खाने से हो सकती है। यह भी जानलेवा हो सकता है। हृदय भी लिवर की तरह फैट जमने का खतरा है। दिल को भी भर सकता है। मतलब यह है कि दिल भी फैला सकता है। यह फैटी लिवर की बीमारी की तरह गंभीर है। आइए जानते हैं कि दिल में फैट जमना कितना घातक हो सकता है..।
फैटी हार्ट क्या है?
मेडिकल टर्म में, इसे एपिकार्डियल फैट एक्युमुलेशन (Epicardial Fat Accumulation) कहा जाता है, जब दिल के अंदर और उसके चारों ओर अतिरिक्त फैट जमा हो जाता है. इसे “फैटी हार्ट” कहा जाता है। दिल के कामकाज को ये फैट धीरे-धीरे प्रभावित करते हैं, जो हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और अन्य कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का खतरा बढ़ा सकते हैं।
हृदय में फैट कैसे जमता है?
- मोटापे के कारण
- अनियमित भोजन, तला-भुना भोजन और जंक फूड से
- निष्क्रिय जीवनशैली और कम एक्टिविटी
- डायबिटीज के साथ उच्च कोलेस्ट्रॉल
- स्मोकिंग और शराब का सेवन
फैटी दिल के संकेत क्या हैं?
फैटी हार्ट की शुरूआत में अक्सर कोई लक्षण नहीं होते, लेकिन धीरे-धीरे ये समस्याएं हो सकती हैं। इससे सीने में दबाव या भारीपन महसूस हो सकता है। जल्दी थकान, सांस लेने में तकलीफ, तेज या अनियमित धड़कन, उच्च रक्तचाप या कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कैसे पता चलेगा कि दिल टूट गया है?
- ईसीजी
- इकोकार्डियोग्राफी
- मशीन दृष्टि या CT scan
- ब्लड रिपोर्ट्स (वसा प्रोफाइल, शर्करा)
फैटी दिल से बचने के उपाय
- डाइट में परिवर्तन करें, ओमेगा-3 फैट, तला-भुना कम करें, जंक खाना, फल, सब्जियां और फाइबर का अधिक सेवन करें।
- जीवन व्यतीत करें। रोजाना 30 से 45 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें और योग और मेडिटेशन को अपने दिनचर्या में शामिल करें।
- डॉक्टर की सलाह से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण के लिए दवा लें।
- ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित करें।

