Constipation Relief Tips: 3 दिन से कब्ज और पेट साफ नहीं हो रहा? प्रून्स, फाइबर, पानी और रोजाना वॉक जैसे आसान उपाय कब्ज से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।
Constipation Relief Tips: अगर कई दिनों से ठीक से शौच नहीं हो रहा, मल सख्त है या टॉयलेट में ज्यादा जोर लगाना पड़ रहा है, तो यह कब्ज का संकेत हो सकता है। कब्ज के साथ पेट में भारीपन, गैस, पेट फूलना और असहजता जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं। खान-पान और लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव इस समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं।
कब्ज से राहत पाने के लिए सूखा आलूबुखारा यानी प्रून्स एक उपयोगी खाद्य विकल्प माना जाता है। इसमें फाइबर और सोर्बिटोल पाया जाता है, जो कुछ लोगों में मल को नरम करने और आंतों की गति को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
कब्ज में प्रून्स क्यों हो सकते हैं फायदेमंद?
कब्ज होने पर मल सामान्य से अधिक कठोर और सूखा हो सकता है, जिससे शौच करने में परेशानी होती है। प्रून्स में मौजूद फाइबर मल का वॉल्यूम बढ़ाने में मदद कर सकता है। वहीं, सोर्बिटोल आंतों में पानी खींचने में मदद कर सकता है, जिससे मल नरम हो सकता है।
कुछ अध्ययनों में प्रून्स को कब्ज की समस्या में लाभकारी पाया गया है। हालांकि, इसकी मात्रा व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और पाचन क्षमता के अनुसार अलग हो सकती है। ज्यादा मात्रा में खाने से कुछ लोगों को गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है।
पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी
सिर्फ प्रून्स खाने से ही कब्ज की समस्या दूर हो जाए, यह जरूरी नहीं है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलना भी बेहद महत्वपूर्ण है। पानी की कमी होने पर मल कठोर हो सकता है और उसे बाहर निकालना मुश्किल हो सकता है।
इसलिए दिनभर पर्याप्त पानी पीने की कोशिश करें। हालांकि, जिन लोगों को किसी बीमारी के कारण तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह दी गई है, उन्हें डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए।
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डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं
कब्ज से राहत और बचाव के लिए पर्याप्त फाइबर लेना महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके लिए अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियां, दालें, बीन्स, साबुत अनाज, नट्स और बीज शामिल किए जा सकते हैं।
फाइबर मल को नरम और अधिक मात्रा वाला बनाने में मदद कर सकता है। लेकिन अचानक बहुत ज्यादा फाइबर लेने से कुछ लोगों को गैस और पेट फूलने की परेशानी हो सकती है। इसलिए फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर रहता है।
इसबगोल भी हो सकता है विकल्प
साइलियम हस्क यानी इसबगोल घुलनशील फाइबर का एक स्रोत है और कब्ज की समस्या में इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह पानी को सोखकर मल को नरम करने में मदद कर सकता है।
अगर आप इसबगोल का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो पर्याप्त पानी के साथ लेना जरूरी है। किसी गंभीर बीमारी, निगलने में परेशानी या लगातार कब्ज की स्थिति में पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
रोजाना थोड़ा पैदल चलें
शारीरिक गतिविधि कम होने से भी कुछ लोगों में कब्ज की समस्या बढ़ सकती है। रोजाना पैदल चलना या हल्की एक्सरसाइज करना पाचन तंत्र की सामान्य गतिविधि को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
इसके लिए बहुत कठिन कसरत जरूरी नहीं है। अपनी क्षमता के अनुसार रोज कुछ समय टहलना, साइकिल चलाना या तैराकी जैसी गतिविधियां की जा सकती हैं।
कॉफी से कुछ लोगों को मिल सकती है राहत
कुछ लोगों को कॉफी पीने के बाद शौच की इच्छा महसूस होती है। कॉफी पाचन तंत्र की गतिविधि को प्रभावित कर सकती है, हालांकि इसका असर हर व्यक्ति में समान नहीं होता।
अगर आपको कॉफी पीने से गैस, एसिडिटी या पेट की परेशानी होती है, तो इसे कब्ज के इलाज के तौर पर इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
कब्ज में किन बातों का रखें ध्यान?
कब्ज से राहत पाने के लिए रोजाना पर्याप्त पानी पीना, फाइबर युक्त भोजन करना और शारीरिक रूप से सक्रिय रहना उपयोगी हो सकता है। टॉयलेट की इच्छा को बार-बार रोकने से भी बचना चाहिए।
लैक्सेटिव दवाओं का इस्तेमाल अपनी मर्जी से लंबे समय तक नहीं करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या फार्मासिस्ट आपकी स्थिति के अनुसार उचित विकल्प बता सकते हैं।
कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी है?
अगर कब्ज कई दिनों तक बनी रहती है, बार-बार होती है या सामान्य खान-पान और लाइफस्टाइल में बदलाव के बावजूद सुधार नहीं होता, तो चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
खासकर तेज पेट दर्द, उल्टी, मल में खून, लगातार पेट फूलना, बिना वजह वजन कम होना या गैस-मल बिल्कुल पास न होना जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

