UK के कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तान का झंडा फहराने को लेकर विवाद बढ़ा। रिफॉर्म UK ने विरोध जताया, जबकि नताशा असगर ने समारोह का बचाव किया।
ब्रिटेन के वेल्स स्थित कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तान का झंडा लगाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में रिफॉर्म UK और रिस्टोर पार्टी से जुड़े नेताओं ने स्थानीय प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए हैं। वहीं, वेल्श कंजर्वेटिव पार्टी की नेता नताशा असगर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे समुदायों के सांस्कृतिक समारोह से जोड़कर देखा है।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ विवाद
मामला उस समय चर्चा में आया जब रिस्टोर पार्टी के काउंसलर ओवेन क्लैवर्टी ने 5 सितंबर को सोशल मीडिया पर कार्डिफ कैसल की एक तस्वीर साझा की। तस्वीर में किले के ऊपर पाकिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज नजर आ रहा था।
इसके बाद रिस्टोर पार्टी के नेता रूपर्ट लोव और रिफॉर्म UK के वेल्श नेता डैन थॉमस ने भी इस पोस्ट को शेयर किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर कार्डिफ कैसल जैसे ऐतिहासिक स्थल पर विदेशी देश का झंडा लगाए जाने को लेकर बहस तेज हो गई।
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रिफॉर्म UK ने जताई आपत्ति
रिफॉर्म UK से जुड़े प्रवक्ता रॉबर्ट जेनेरिक ने कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तान का झंडा लगाए जाने की आलोचना की। उनका कहना था कि ब्रिटेन के ऐतिहासिक स्थलों पर राष्ट्रीय पहचान से जुड़े झंडों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि ऐतिहासिक इमारतों पर दूसरे देशों के झंडे क्यों लगाए जाते हैं। जेनेरिक ने इसे ब्रिटिश और वेल्श सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए अपनी पार्टी की राजनीतिक स्थिति भी स्पष्ट की।
रिफॉर्म UK की ओर से यह भी कहा गया कि सत्ता में आने पर पार्टी राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक प्रतीकों को लेकर अपनी नीतियों में बदलाव करेगी।
What are we doing to ourselves? pic.twitter.com/gpwIQGih5Y
— Rupert Lowe MP (@RupertLowe10) September 6, 2026
तस्वीर 2024 की निकली
इस विवाद में एक महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि सोशल मीडिया पर साझा की गई कार्डिफ कैसल की पाकिस्तान के झंडे वाली तस्वीर 2024 की बताई गई है। यह तस्वीर 14 अगस्त की थी, जो पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कार्डिफ में पाकिस्तानी समुदाय से जुड़े कार्यक्रम के दौरान किले पर पाकिस्तान का झंडा लगाया गया था। इस तरह की गतिविधि इस साल भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दो दिनों के लिए आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई।
नताशा असगर ने किया समारोह का बचाव
वेल्श कंजर्वेटिव पार्टी की पाकिस्तानी मूल की सेनेड सदस्य नताशा असगर ने रिफॉर्म UK की आलोचना का जवाब दिया। उन्होंने ऐसे आयोजनों को किसी संस्कृति पर कब्जे के बजाय विभिन्न समुदायों के प्रति सम्मान और उनकी पहचान को मान्यता देने का माध्यम बताया।
नताशा असगर के मुताबिक, वह भारतीय, पाकिस्तानी और पोलिश समुदायों से जुड़े कई झंडा फहराने के कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इन समारोहों में अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा रखने वाले लोग भी शामिल होते हैं। उन्होंने रिफॉर्म UK पर इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से नस्लीय रंग देने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
ब्रिटेन में सांस्कृतिक पहचान पर बहस तेज
कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तान के झंडे को लेकर उठा विवाद केवल एक झंडे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने ब्रिटेन में प्रवासी समुदायों की सांस्कृतिक पहचान और सार्वजनिक स्थलों पर विभिन्न देशों के प्रतीकों के प्रदर्शन को लेकर बहस छेड़ दी है।
एक तरफ रिफॉर्म UK जैसे राजनीतिक दल ऐतिहासिक स्थलों पर राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर सख्त रुख अपना रहे हैं, जबकि दूसरी ओर अन्य राजनीतिक प्रतिनिधि ऐसे कार्यक्रमों को बहुसांस्कृतिक समाज का हिस्सा मानते हैं।
फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और कार्डिफ कैसल पर विदेशी राष्ट्रीय झंडों के प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आ गए हैं।

