रामबाग स्टेशन की पटरियों पर जलभराव से 8 ट्रेनें 23 अगस्त तक झूंसी से चलेंगी। जानें किन ट्रेनों का बदला संचालन और यात्रियों पर असर।
प्रयागराज में भारी बारिश और बाढ़ के चलते रेलवे परिचालन प्रभावित हुआ है। प्रयागराज रामबाग रेलवे स्टेशन की पटरियों पर पानी भरने के कारण पूर्वोत्तर रेलवे ने आठ ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है। अब ये ट्रेनें अपने निर्धारित स्टेशन प्रयागराज रामबाग के बजाय झूंसी स्टेशन तक ही चलेंगी। यह व्यवस्था फिलहाल 23 अगस्त 2026 तक लागू रहेगी।
रामबाग स्टेशन की पटरियों पर भरा पानी
प्रयागराज रामबाग रेलवे स्टेशन पर जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया है। जलभराव के कारण प्रभावित ट्रेनों का आंशिक निरस्तीकरण किया गया है। इन ट्रेनों का अप और डाउन परिचालन अब झूंसी स्टेशन से किया जाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार के अनुसार, 65131 मऊ-प्रयागराज रामबाग मेमू 23 अगस्त तक मऊ से झूंसी स्टेशन तक चलेगी। वहीं 65111 बनारस-प्रयागराज रामबाग मेमू भी बनारस से झूंसी तक ही संचालित होगी।
इसके अलावा 55131 बलिया-प्रयागराज रामबाग सवारी गाड़ी और 65113 बनारस-प्रयागराज रामबाग मेमू भी झूंसी तक ही आएंगी। वापसी दिशा में 65132 प्रयागराज रामबाग-मऊ मेमू, 65114 प्रयागराज रामबाग-बनारस मेमू, 55132 प्रयागराज रामबाग-बलिया सवारी और 65112 प्रयागराज रामबाग-बनारस मेमू का संचालन भी झूंसी स्टेशन से किया जाएगा।
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यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी
ट्रेनों के रामबाग स्टेशन तक नहीं पहुंचने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिन यात्रियों को प्रयागराज रामबाग पहुंचना है, उन्हें झूंसी स्टेशन पर उतरने के बाद सड़क मार्ग से आगे का सफर तय करना होगा। इसी तरह रामबाग से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को भी झूंसी स्टेशन पहुंचना पड़ेगा।
बारिश के कारण सड़कों पर भी जलभराव की स्थिति है। ऐसे में झूंसी स्टेशन तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों या अन्य साधनों की व्यवस्था करना यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
वाराणसी-प्रयागराज रूट पर यात्रा से पहले चेक करें अपडेट
वाराणसी और प्रयागराज के बीच ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को मौसम की स्थिति के साथ रेलवे की ओर से जारी ताजा अपडेट जरूर देखना चाहिए। फिलहाल ट्रेनों के संचालन में बदलाव 23 अगस्त तक किया गया है, लेकिन अगर जलभराव की समस्या बनी रहती है तो रेलवे इस अवधि को आगे भी बढ़ा सकता है।
ऐसे में यात्रियों के लिए बेहतर होगा कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का रनिंग स्टेटस और रेलवे की ओर से जारी नया शेड्यूल जरूर जांच लें।

