पीएम सूर्य घर योजना के तहत दुजाना बनेगा मॉडल सोलर गांव। घरों पर रूफटॉप सोलर, सोलर स्ट्रीट लाइट और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत ग्रेटर नोएडा के दुजाना गांव को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इस पहल का उद्देश्य गांव में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाना, पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करना और ग्रामीण क्षेत्र को स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाना है।
इस परियोजना को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित कार्ययोजना और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने गांव में सौर ऊर्जा के अधिकतम इस्तेमाल से जुड़े प्रस्तावों की जानकारी जिलाधिकारी के सामने रखी।
दुजाना को सोलर मॉडल विलेज बनाने की तैयारी
प्रशासन की योजना के मुताबिक, दुजाना में घरेलू उपयोग के साथ-साथ सार्वजनिक सुविधाओं को भी सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद गांव को जिले और प्रदेश के दूसरे गांवों के लिए एक मॉडल के तौर पर विकसित करने का लक्ष्य है।
अधिकारियों के अनुसार, इस मॉडल को सफल बनाने के बाद इसकी तर्ज पर अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी सौर ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाएं लागू की जा सकती हैं।
घरों और सरकारी भवनों पर लगेंगे सोलर रूफटॉप
यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी लवेश कुमार सिसोदिया ने बैठक में प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी। इसके तहत गांव के घरेलू और सार्वजनिक भवनों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने की योजना है।
इसके अलावा गांव की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइटिंग की सुविधा विकसित की जाएगी। इससे बिजली की खपत कम करने और रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर रोशनी उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
खेती और ग्रामीण रोजगार से जोड़ी जाएगी सौर ऊर्जा
मॉडल सोलर विलेज परियोजना को केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा। योजना के तहत ग्रामीण आजीविका और कृषि आधारित गतिविधियों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ने का प्रस्ताव है।
इसके लिए गांव में सौर ऊर्जा से संचालित कई सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इनमें प्रमुख रूप से:
- सोलर मिल्क चिलर
- सोलर आटा चक्की
- सोलर कोल्ड प्रेस यूनिट
- घरेलू सोलर रूफटॉप सिस्टम
- सार्वजनिक भवनों पर सोलर सिस्टम
- सोलर स्ट्रीट लाइट
शामिल हैं।
also read: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में शुरू की PRD कैशलेस मेडिकल…
बिजली की बचत के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
अधिकारियों का मानना है कि परियोजना के लागू होने से गांव में बिजली की खपत और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हो सकती है। सौर ऊर्जा आधारित स्थानीय इकाइयों के संचालन से ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
सोलर मिल्क चिलर, आटा चक्की और कोल्ड प्रेस जैसी सुविधाओं से कृषि और पशुपालन से जुड़े कामों को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
दुजाना को मॉडल सोलर गांव बनाने की योजना का एक प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण भी है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर दबाव कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। प्रशासन की ओर से गांव को स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उदाहरण बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने पर भी जोर दिया।
बैठक में यह निर्देश दिया गया कि प्रस्तावित सौर ऊर्जा परियोजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचे और योजना को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।
दूसरे गांवों में भी लागू होगा मॉडल
दुजाना को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित करने के बाद इस मॉडल को जिले के अन्य गांवों में लागू करने की योजना है। सफल होने पर प्रदेश के दूसरे ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऐसी सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अपनाया जा सकता है।
इस पहल से दुजाना को ग्रामीण क्षेत्र में सौर ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

