बिहार में कार से मिले 50 लाख रुपये के मामले में FIR न होने पर DGP विनय कुमार ने सख्ती दिखाई। एसपी को नकदी के स्रोत और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए।
बिहार के नवगछिया में कार से बरामद किए गए 50 लाख रुपये नकद के मामले ने अब पुलिस विभाग का ध्यान खींचा है। इतनी बड़ी रकम मिलने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने को लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने नवगछिया एसपी वैभव शर्मा को मामले की विस्तृत जांच कराने और नकदी के स्रोत व उसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटाने का निर्देश दिया है।
डीजीपी के निर्देश के बाद पुलिस ने पहले दर्ज किए गए सनहा की दोबारा विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
50 लाख की बरामदगी के बाद FIR को लेकर सवाल
मामला 24 जुलाई की रात जाह्नवी चौक टीओपी के पास का है। वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक कार से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की थी। गिनती के बाद रकम 50 लाख रुपये निकली।
डीजीपी विनय कुमार ने इस बात पर आपत्ति जताई कि इतनी बड़ी राशि बरामद होने के बाद भी मामले में विधिवत एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि यह पता लगाया जाए कि रकम से जुड़े मामले में केवल सनहा दर्ज करने की परिस्थितियां क्या थीं और उस दौरान पुलिस ने क्या कार्रवाई की।
तीन लोगों से पूछताछ के बाद किया गया था मुक्त
कार में मौजूद नंद कुमार गुप्ता, मु. जहांदीन और अंश राज को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद तीनों को छोड़ दिया गया था।
पुलिस के सामने तीनों ने कथित तौर पर दावा किया था कि नकदी ‘प्रसाद कंस्ट्रक्शन’ नाम की कंपनी से संबंधित है। उनके अनुसार, रकम भागलपुर के गौराडीह में चल रहे अस्पताल निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के भुगतान के लिए ले जाई जा रही थी।
हालांकि, इतनी बड़ी रकम के साथ ले जाए जाने के संबंध में वे बैंक से निकासी, चालान अथवा अन्य वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके थे।
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आयकर विभाग ने जब्त कर ली थी रकम
नकदी मिलने के बाद मौके पर आयकर विभाग की टीम भी पहुंची थी। अधिकारियों की मौजूदगी में मशीन के जरिए नोटों की गिनती की गई, जिसमें कुल रकम 50 लाख रुपये पाई गई।
इसके बाद आयकर विभाग ने पूरी नकदी को जब्त कर अपने आधिकारिक खाते में जमा करा दिया था। अब पुलिस की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि बरामद राशि का वास्तविक स्रोत क्या था और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
अंश राज के नाम पर पंजीकृत है कार
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस कार से नकदी बरामद हुई थी, वह वैशाली जिले के रासा भगवानपुर निवासी अंश राज के नाम पर दर्ज है।
कार एक मारुति बलेनो जेटा पेट्रोल है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर BR 31 BG 9152 बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अंश राज ने यह वाहन मार्च 2019 में खरीदा था।
पुलिस के अनुसार, 50 लाख रुपये को दो बैगों में रखा गया था। नकदी को कार की डिक्की और सीट के नीचे छिपाकर ले जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
हवाला या अवैध लेन-देन के एंगल की होगी जांच
डीजीपी के निर्देश के बाद पुलिस अब नकदी के स्रोत को लेकर कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि कहीं रकम का संबंध हवाला नेटवर्क, ठेकेदारी से जुड़े किसी सिंडिकेट या किसी अन्य संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से तो नहीं है।
हालांकि, जांच पूरी होने से पहले इन संभावनाओं को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पुलिस दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर रकम के वास्तविक स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई जांच
नवगछिया एसपी वैभव शर्मा ने बताया कि डीजीपी के निर्देश के बाद पहले दर्ज सनहा की बिंदुवार जांच कराई जा रही है। इस जांच की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को दी गई है।
एसपी के मुताबिक जांच अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब इस मामले में पुलिस की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है कि 50 लाख रुपये की नकदी का वास्तविक स्रोत क्या था और इसे नवगछिया के रास्ते कहां ले जाया जा रहा था।

