नाग पंचमी 2026 पर जानें 17 अगस्त को कौन से 5 काम नहीं करने चाहिए। नाग पूजा के नियम, भगवान शिव की आराधना और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी जरूरी बातें पढ़ें।
नाग पंचमी 2026: सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता के साथ भगवान शिव की पूजा करने की परंपरा है। इस साल नाग पंचमी 17 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
नाग पंचमी पर क्या करना शुभ माना जाता है?
नाग पंचमी के दिन नाग देवता का पूजन करने के साथ भगवान शिव की आराधना करने की परंपरा है। भक्त शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करते हैं। इस दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ और नाग देवता से जुड़े मंत्रों का जाप भी किया जाता है।
कुछ परिवारों में घर के मुख्य द्वार पर हल्दी, चंदन या गोबर से नाग की आकृति बनाने की परंपरा भी है। जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र और अन्य सामग्री का दान करना भी शुभ माना जाता है।
नाग पंचमी पर इन 5 कामों से बचें
1. जमीन की खुदाई न करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन खेत जोतने, जमीन खोदने या नींव की खुदाई जैसे कामों से बचना चाहिए। इसके पीछे जीव-जंतुओं की रक्षा और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना भी जुड़ी हुई है।
2. सांपों को नुकसान न पहुंचाएं
इस दिन किसी भी सांप को मारना, पकड़ना या उसे परेशान करना धार्मिक रूप से अनुचित माना जाता है। सांपों और अन्य जीवों के प्रति दया रखने की सलाह दी जाती है।
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3. जीवित सांप को दूध न पिलाएं
नाग पंचमी पर दूध चढ़ाने की धार्मिक परंपरा कई जगहों पर देखने को मिलती है, लेकिन जीवित सांप को दूध पिलाना उचित नहीं है। सांपों का पाचन तंत्र दूध के लिए अनुकूल नहीं होता। पूजा में नाग देवता की प्रतिमा या चित्र पर प्रतीकात्मक रूप से दूध अर्पित किया जा सकता है।
4. धारदार चीजों के इस्तेमाल से बचें
कुछ क्षेत्रीय परंपराओं में नाग पंचमी के दिन सुई, कैंची, चाकू और अन्य नुकीली वस्तुओं के इस्तेमाल से परहेज किया जाता है। यह धार्मिक मान्यता है और सभी क्षेत्रों में इसका पालन एक जैसा नहीं होता।
5. लोहे के तवे-कड़ाही का इस्तेमाल न करने की मान्यता
कई जगह नाग पंचमी के दिन लोहे के तवे या कड़ाही को चूल्हे पर रखने से बचने की परंपरा है। हालांकि, यह भी एक स्थानीय धार्मिक मान्यता है, जिसका पालन अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में अलग तरीके से किया जाता है।
नाग पंचमी पर भगवान शिव की पूजा का महत्व
हिंदू धार्मिक परंपरा में नागों का भगवान शिव से विशेष संबंध माना जाता है। भगवान शिव के गले में नाग विराजमान रहते हैं। इसी वजह से नाग पंचमी के दिन नाग देवता के साथ शिव पूजा को भी विशेष महत्व दिया जाता है। कई भक्त इस दिन शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करके भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
कालसर्प दोष को लेकर क्या मान्यता है?
ज्योतिषीय मान्यताओं में नाग पंचमी को राहु-केतु और कालसर्प दोष से जुड़े उपायों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कुछ लोग इस दिन नाग देवता की पूजा, रुद्राभिषेक और मंत्र जाप करते हैं। हालांकि, कालसर्प दोष और उसके प्रभाव ज्योतिषीय मान्यताओं का विषय हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं।
नाग पंचमी का मुख्य संदेश
नाग पंचमी केवल पूजा-पाठ का पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान का संदेश भी देती है। इस दिन सांपों को नुकसान पहुंचाने के बजाय उनकी सुरक्षा और प्राकृतिक संतुलन को समझने पर जोर दिया जाता है।

