मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के साथ बैठक में किशाऊ बांध परियोजना को तेज करने और पड़ोसी राज्यों के साथ जल्द समझौता करने की मांग उठाई।
हरियाणा के लिए जल संसाधनों को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किशाऊ बांध परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की मांग की है। नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में मुख्यमंत्री ने पड़ोसी राज्यों के साथ जल्द समझौता किए जाने और परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान हरियाणा से जुड़े कई महत्वपूर्ण जल और सिंचाई संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
हरियाणा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है किशाऊ बांध परियोजना
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में कहा कि किशाऊ बांध परियोजना केवल एक राज्य के लिए नहीं बल्कि कई राज्यों के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को बड़े स्तर पर पानी उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में बढ़ती आबादी और जल संकट को देखते हुए इस प्रकार की बड़ी जल परियोजनाएं बेहद आवश्यक हैं। यदि समय रहते इस परियोजना पर तेजी से काम शुरू होता है तो आने वाले वर्षों में पानी की कमी से जूझ रहे क्षेत्रों को बड़ी राहत मिल सकती है।
केंद्रीय मंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश
बैठक के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किशाऊ बांध परियोजना से जुड़े सभी राज्यों के अधिकारियों की जल्द बैठक आयोजित की जाए।
उन्होंने कहा कि जल बंटवारे और बिजली उत्पादन जैसे मुद्दों पर तेजी से निर्णय लिया जाए ताकि परियोजना को आगे बढ़ाने में किसी प्रकार की देरी न हो। इसके बाद संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक आयोजित कर समझौते की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने इस परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बताते हुए अधिकारियों को जल्द कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हरियाणा में जल संकट से निपटने की तैयारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा लगातार बढ़ते जल संकट का सामना कर रहा है। कई जिलों में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और भविष्य में पानी की उपलब्धता बड़ी चुनौती बन सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार दीर्घकालिक योजनाओं के माध्यम से जल संरक्षण और जल आपूर्ति को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। किशाऊ बांध जैसी परियोजनाएं इसी रणनीति का हिस्सा हैं।
फरीदाबाद और पलवल के लिए पानी आपूर्ति पर चर्चा
बैठक में मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद और पलवल जिलों के लिए उत्तर प्रदेश से अपर गंगा नहर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस योजना को जल्द आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन और सहयोग का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बढ़ती आबादी वाले इन क्षेत्रों में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त जल स्रोतों की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफल होती है तो फरीदाबाद और पलवल जैसे क्षेत्रों में पेयजल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
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गुरुग्राम और नूंह तक पानी पहुंचाने की बड़ी योजना
बैठक में मुनक नहर से गुरुग्राम और नूंह जिलों तक पानी पहुंचाने की लगभग दो हजार करोड़ रुपये की परियोजना पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को हरियाणा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे दक्षिण हरियाणा के कई क्षेत्रों को स्थायी राहत मिल सकती है। केंद्रीय मंत्री ने इस परियोजना के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
सरकार का मानना है कि इस योजना के पूरा होने से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।
जलभराव और आधारभूत ढांचे के मुद्दों पर भी चर्चा
बैठक में नजफगढ़ क्षेत्र में जलभराव की समस्या पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस समस्या के समाधान के लिए संभावित योजनाओं पर विचार साझा किए।
इसके अलावा क्षेत्रीय तेज परिवहन प्रणाली से जुड़े कुछ मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिनमें राजस्थान और हरियाणा के बीच समन्वय को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
जल प्रबंधन को लेकर सरकार की बड़ी रणनीति
विशेषज्ञों का कहना है कि हरियाणा सरकार अब जल प्रबंधन को लेकर दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। राज्य में तेजी से गिरते भूजल स्तर और बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए सरकार नई परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दे रही है।
किशाऊ बांध परियोजना, नहर विस्तार योजनाएं और अंतरराज्यीय जल समझौते इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
किसानों और शहरों दोनों को होगा लाभ
जल विशेषज्ञों के अनुसार इन परियोजनाओं का सबसे बड़ा फायदा किसानों और शहरी क्षेत्रों दोनों को मिलेगा। जहां किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा, वहीं शहरों में पेयजल संकट को कम करने में मदद मिलेगी।
हरियाणा के कई जिलों में पानी की उपलब्धता लंबे समय से बड़ी समस्या बनी हुई है। ऐसे में नई जल परियोजनाओं से राज्य की अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पड़ोसी राज्यों के सहयोग पर टिकी सफलता
विशेषज्ञों का मानना है कि किशाऊ बांध परियोजना की सफलता काफी हद तक पड़ोसी राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग पर निर्भर करेगी।
यदि सभी राज्य जल बंटवारे और बिजली उत्पादन को लेकर सहमति बना लेते हैं तो यह परियोजना उत्तर भारत के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है।
हरियाणा के भविष्य के लिए अहम कदम
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार प्रदेश के जल संसाधनों को मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जल संकट से बचने के लिए अभी से ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों के सहयोग से किशाऊ बांध परियोजना जल्द जमीन पर उतर सकेगी और इससे करोड़ों लोगों को लाभ मिलेगा।
सरकार की इस पहल को हरियाणा के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में राज्य की जल सुरक्षा को नई मजबूती दे सकता है।

