हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी का स्वागत करते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
केंद्र सरकार द्वारा खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी किए जाने के बाद हरियाणा सहित देशभर के किसानों में खुशी का माहौल है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा कि यह निर्णय किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को लाभकारी बनाने के लिए काम कर रही है। खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी इसी सोच का हिस्सा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और खेती के प्रति उनका विश्वास और मजबूत होगा।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम फैसला
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि केवल एक आर्थिक निर्णय नहीं बल्कि किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि खेती को लाभकारी बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी उद्देश्य से लगातार किसान हितैषी फैसले लिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलता है तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और देश की खाद्य सुरक्षा भी सुरक्षित रहती है। सरकार चाहती है कि किसान नई तकनीकों और बेहतर फसल विकल्पों के साथ आगे बढ़ें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।
धान से लेकर तिलहन तक कई फसलों के दाम बढ़े
सरकार द्वारा घोषित नए समर्थन मूल्य के अनुसार धान, बाजरा, मक्का, दालें, तिलहन और कपास समेत कई प्रमुख खरीफ फसलों के दामों में बढ़ोतरी की गई है।
धान के सामान्य प्रकार का समर्थन मूल्य बढ़ाकर दो हजार चार सौ इकतालीस रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, जबकि उच्च गुणवत्ता वाले धान का मूल्य भी बढ़ाया गया है। इसी प्रकार बाजरा, रागी, ज्वार और मक्का जैसी मोटे अनाज की फसलों के समर्थन मूल्य में भी इजाफा किया गया है।
दालों में अरहर, उड़द और मूंग के दाम बढ़ने से किसानों को अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं तिलहन फसलों जैसे मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन और तिल के समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
कपास उत्पादक किसानों को भी राहत
कपास की खेती करने वाले किसानों के लिए भी यह फैसला राहत लेकर आया है। कपास की दोनों प्रमुख किस्मों के समर्थन मूल्य में अच्छी बढ़ोतरी की गई है। इससे हरियाणा और आसपास के राज्यों में कपास उगाने वाले किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि कपास के बेहतर दाम मिलने से किसान इस फसल की ओर अधिक आकर्षित हो सकते हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में विविधता बढ़ेगी।
also read : 42 की उम्र में शेफाली की अचानक मौत से सदमा, अफवाहों पर फूटा पराग त्यागी का गुस्सा
फसल विविधीकरण को मिलेगा बढ़ावा
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा असर फसल विविधीकरण पर पड़ेगा। सरकार द्वारा दालों, तिलहन और मोटे अनाज के दाम बढ़ाने से किसान केवल धान और गेहूं तक सीमित नहीं रहेंगे।
इससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि कम पानी वाली फसलें किसानों के लिए अधिक आकर्षक बनेंगी। हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, ऐसे में यह फैसला पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किसानों को पहले से मिलेगी योजना बनाने में मदद
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र सरकार पिछले कई वर्षों से बुवाई शुरू होने से पहले ही समर्थन मूल्य घोषित कर रही है। इससे किसानों को यह तय करने में आसानी होती है कि कौन सी फसल अधिक लाभकारी रहेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहले किसानों को अक्सर बुवाई के बाद मूल्य की जानकारी मिलती थी, जिससे उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ता था। अब समय रहते समर्थन मूल्य घोषित होने से किसान बेहतर योजना बना पा रहे हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
कृषि क्षेत्र में बढ़ते समर्थन मूल्य का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं रहता बल्कि इससे पूरे ग्रामीण बाजार को मजबूती मिलती है। किसानों की आय बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में खरीद क्षमता बढ़ती है, जिससे छोटे व्यापारियों और स्थानीय कारोबार को भी फायदा होता है।
हरियाणा सरकार का मानना है कि यह फैसला ग्रामीण विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा। सरकार आने वाले समय में कृषि क्षेत्र के लिए और भी नई योजनाएं लाने की तैयारी कर रही है।
किसान संगठनों ने भी किया स्वागत
कई किसान संगठनों और कृषि विशेषज्ञों ने भी समर्थन मूल्य बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए किसानों को बेहतर दाम मिलना जरूरी था।
हालांकि कुछ संगठनों ने यह भी मांग की है कि केवल समर्थन मूल्य बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि सरकार को खरीद व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए ताकि हर किसान को घोषित मूल्य का लाभ मिल सके।
हरियाणा सरकार ने किसानों को दिया भरोसा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का पूरा लाभ दिलाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने किसानों से नई तकनीकों और वैकल्पिक फसलों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है।
आने वाले समय में दिखेगा बड़ा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में यह बढ़ोतरी आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। इससे किसानों का भरोसा मजबूत होगा, फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्राप्त होगी।
सरकार के इस फैसले को किसान हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले खरीफ सीजन में साफ दिखाई दे सकता है।
