अयोध्या राम मंदिर प्रसाद विवाद के बीच 26 जून को रामलला के दर्शन करेंगे अरविंद केजरीवाल। मामले की जांच के लिए एसआईटी जांच जारी है।
अयोध्या राम मंदिर प्रसाद विवाद: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में प्रसाद से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए 26 जून को मंदिर दर्शन करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस मामले से करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक पोस्ट में केजरीवाल ने कहा कि अयोध्या के श्री राम मंदिर में प्रसाद से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की खबरों ने सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों को दुखी किया है। उन्होंने बताया कि वह 26 जून को अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करेंगे और मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे।
अयोध्या श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से हर सनातनी बेहद दुखी है।
शुक्रवार को मैं दर्शन के लिये श्री राम मंदिर जाऊँगा
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 22, 2026
प्रसाद और चढ़ावे से जुड़े आरोपों की जांच जारी
राम मंदिर में चढ़ावे और प्रसाद से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर जांच जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। यह कदम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जांच की मांग के बाद उठाया गया।
जांच एजेंसियां मंदिर में प्राप्त चढ़ावे और प्रसाद प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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महंत धर्मदास बाबा ने जताई चिंता
रामलला और हनुमानगढ़ी मंदिर से जुड़े महंत धर्मदास बाबा ने भी कथित अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
महंत धर्मदास बाबा ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करती हैं और समाज में गलत संदेश भेजती हैं। उन्होंने जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि सच्चाई सामने आने के बाद दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिलना चाहिए।
राजनीतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा दौरा
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अरविंद केजरीवाल का अयोध्या दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राम मंदिर से जुड़े कथित विवाद को लेकर चर्चा तेज है। ऐसे में उनका यह दौरा राजनीतिक और धार्मिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल सभी की निगाहें एसआईटी जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं, जबकि 26 जून को होने वाले केजरीवाल के अयोध्या दौरे को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है।

