हरियाणा सरकार ने राज्य में जन सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेशन के नवीनीकरण के लिए व्यापक तकनीक-आधारित नीति अधिसूचित कर दी है। इस नई नीति का उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी, त्वरित और जवाबदेह बनाना है, ताकि आग से संबंधित दुर्घटनाओं की रोकथाम प्रभावी रूप से की जा सके।
सरकार द्वारा लागू की गई इस प्रणाली में स्वचालित ऑनलाइन स्वीकृति (ऑटो-एप्रूवल) की व्यवस्था की गई है, जिससे आवेदकों को अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी। साथ ही, फायर सेफ्टी ऑडिट के लिए एम्पैनल्ड एजेंसियों का रैंडम चयन किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की पक्षपात या अनियमितता की संभावना समाप्त हो सके।
नई नीति के तहत अनिवार्य भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) को भी शामिल किया गया है, ताकि केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित न रहते हुए वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी व्यावसायिक, औद्योगिक और सार्वजनिक प्रतिष्ठान निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन कर रहे हैं।
सरकार का मानना है कि इस तकनीक-संचालित व्यवस्था से फायर सेफ्टी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय बनेगी और आम नागरिकों की सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह पहल न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाएगी, बल्कि आपात स्थितियों में जान-माल के नुकसान को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी।
हरियाणा सरकार की यह नीति “सुरक्षित हरियाणा” के विज़न को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जो भविष्य में अन्य सुरक्षा एवं प्रशासनिक सुधारों के लिए भी उदाहरण बनेगी।

