प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी नेता अमन अरोड़ा ने कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए राजनीतिक दबाव के आरोपों को खारिज किया।
पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय की हालिया कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इसी बीच आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा है कि वे जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे और जहां भी उन्हें बुलाया जाएगा, वे स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे।
जांच में सहयोग का दिया आश्वासन
अमन अरोड़ा ने कहा कि वे कानून और जांच एजेंसियों का सम्मान करते हैं और जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं डालेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें किसी भी स्तर पर बुलाया जाता है तो वे पूरी तरह से सहयोग करेंगे और अपने सभी दस्तावेज एवं जानकारी साझा करेंगे।
राजनीतिक दबाव के आरोपों पर प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले को लेकर लगाए जा रहे राजनीतिक दबाव के आरोपों को अमन अरोड़ा ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई को गलत तरीके से राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक ईमानदार कारोबारी को अनावश्यक रूप से कानूनी विवादों में घसीटने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे न केवल व्यक्ति विशेष प्रभावित होता है बल्कि राज्य के निवेश माहौल पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
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निष्पक्ष जांच की अपील
अमन अरोड़ा ने जांच एजेंसियों से अपील की कि वे पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करें। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।
उनका कहना था कि जांच एजेंसियों को बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के अपना कार्य करना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता का भरोसा बना रहे।
पंजाब की राजनीति में बढ़ी गर्मी
अमन अरोड़ा के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों से राजनीतिक माहौल और अधिक संवेदनशील हो जाता है, जिससे प्रशासनिक और निवेश संबंधी माहौल पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसी आगे इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या आने वाले दिनों में कोई और बड़ा राजनीतिक बयान सामने आता है या नहीं।

