तख्त श्री दमदमा साहिब में उमड़ी संगत, मुख्यमंत्री ने कहा- गुरु साहिब की कृपा से बना सख्त सम्मान कानून
पंजाब की धार्मिक और राजनीतिक फिजाओं के बीच तख्त श्री दमदमा साहिब में आयोजित धन्यवाद यात्रा का तीसरा दिन बेहद खास और भावनात्मक रहा। भीषण गर्मी और कामकाजी दिन होने के बावजूद बड़ी संख्या में संगत की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने पवित्र धरती पर माथा टेकते हुए पंजाब की खुशहाली, भाईचारे और धार्मिक सम्मान की भावना को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आस्था, श्रद्धा और जनता के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने संगत के अपार प्रेम और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जनता का विश्वास ही है जो सरकार को लगातार जनहित में बड़े फैसले लेने की प्रेरणा देता है।
‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान कानून’ को बताया ऐतिहासिक फैसला
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने हाल ही में लागू किए गए ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान कानून’ को पंजाब के इतिहास का बड़ा और ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून गुरु साहिब की कृपा और संगत के आशीर्वाद से संभव हो पाया है। इस कानून का उद्देश्य बेअदबी जैसी घटनाओं को रोकना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब कोई भी आरोपी मानसिक असंतुलन का बहाना बनाकर कानून से बच नहीं पाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के साथ-साथ उनके जिम्मेदार अधिकारियों और सहयोगियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोकना है।
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पिछली सरकारों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में पूर्व सरकारों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने पंजाब और पंजाबियों की भावनाओं को समझने के बजाय केवल अपने राजनीतिक हितों और परिवारवाद को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि पंजाब की धार्मिक और सामाजिक एकता को कमजोर करने की कोशिशें लंबे समय तक होती रहीं, लेकिन अब राज्य में जनता की सरकार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब केवल सिख समुदाय के नहीं बल्कि पूरी मानवता के मार्गदर्शक हैं। गुरु साहिब का संदेश मानव कल्याण, भाईचारे और समानता का है, इसलिए उनके सम्मान की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
संगत के प्रेम से भावुक हुए मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं को देखकर मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि इतनी गर्मी और व्यस्त दिन होने के बावजूद लोगों का बड़ी संख्या में पहुंचना यह साबित करता है कि पंजाब की जनता अपने धर्म, संस्कृति और मूल्यों के प्रति कितनी समर्पित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का यह प्रेम और आशीर्वाद उन्हें दिन-रात पंजाब की सेवा करने की ताकत देता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार राज्य में शांति, विकास और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए लगातार काम करती रहेगी।
पंजाब में भाईचारे और विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करना और युवाओं को बेहतर भविष्य देना है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, रोजगार, कृषि और उद्योग जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है ताकि पंजाब फिर से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में शामिल हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक सम्मान और सामाजिक न्याय सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। किसी भी धर्म, समुदाय या वर्ग की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
धन्यवाद यात्रा को मिल रहा व्यापक समर्थन
धन्यवाद यात्रा के दौरान पंजाब के अलग-अलग इलाकों में लोगों का भारी समर्थन देखने को मिल रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह यात्रा सरकार और जनता के बीच सीधे संवाद का बड़ा माध्यम बन चुकी है। यात्रा के जरिए सरकार अपनी उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ लोगों की समस्याएं भी सुन रही है।
तख्त श्री दमदमा साहिब में आयोजित कार्यक्रम ने यह साफ कर दिया कि धार्मिक सम्मान और सामाजिक एकता जैसे मुद्दे पंजाब की राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं। आने वाले दिनों में यह यात्रा राज्य की राजनीति में और भी बड़ा असर छोड़ सकती है।

