हरियाणा सरकार ने नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर संबंधित क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाताओं के लिए 10 मई को वेतन सहित अवकाश घोषित किया है।
हरियाणा सरकार ने नगर निकाय चुनावों को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए संबंधित क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाताओं के लिए 10 मई 2026 को वेतन सहित अवकाश घोषित किया है। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाना है। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा अधिसूचना जारी कर सभी विभागों, संस्थानों और निजी प्रतिष्ठानों को निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगमों में महापौर तथा सभी वार्डों के पार्षदों के चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होगा। इसके अलावा रेवाड़ी नगर परिषद में अध्यक्ष और पार्षदों के चुनाव भी इसी दिन कराए जाएंगे। वहीं रोहतक जिले की सांपला, रेवाड़ी जिले की धारूहेड़ा और हिसार जिले की उकलाना नगर पालिकाओं में भी अध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए मतदान कराया जाएगा।
इसके साथ ही छह रिक्त वार्डों में उपचुनाव भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें फतेहाबाद जिले की टोहाना नगर परिषद का वार्ड संख्या 17, झज्जर नगर परिषद का वार्ड संख्या 13, कैथल जिले की राजौंद नगर पालिका का वार्ड संख्या 11, करनाल जिले की तरावड़ी नगर पालिका का वार्ड संख्या 08, महेंद्रगढ़ जिले की कनीना नगर पालिका का वार्ड संख्या 14 तथा यमुनानगर जिले की सढौरा नगर पालिका का वार्ड संख्या 09 शामिल हैं।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 135-बी के तहत उन सभी सरकारी कर्मचारियों को वेतन सहित अवकाश दिया जाएगा, जो संबंधित चुनाव क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाता हैं। यह अवकाश हरियाणा सरकार के सभी कार्यालयों, बोर्डों, निगमों और शैक्षणिक संस्थानों में लागू रहेगा।
इसके अलावा निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों और श्रमिकों को भी मतदान का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। अधिसूचना के अनुसार हरियाणा में स्थित कारखानों, दुकानों और निजी प्रतिष्ठानों में कार्यरत ऐसे कर्मचारी, जो संबंधित क्षेत्रों के मतदाता हैं, उन्हें भी मतदान के लिए वेतन सहित अवकाश प्रदान किया जाएगा।
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सरकार का मानना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक मतदाता की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है ताकि कोई भी कर्मचारी अपने कार्यस्थल के कारण मतदान से वंचित न रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नगर निकाय चुनाव स्थानीय प्रशासन और विकास कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में मतदाताओं की अधिक भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी। सरकार द्वारा वेतन सहित अवकाश की घोषणा से मतदान प्रतिशत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी सरकारी और निजी संस्थानों से निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है। साथ ही चुनाव आयोग और जिला प्रशासन द्वारा मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
चुनाव को लेकर संबंधित क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। विभिन्न दलों और उम्मीदवारों द्वारा प्रचार अभियान चलाया जा रहा है तथा मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार जनसंपर्क किया जा रहा है।
सरकार और प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। अधिकारियों का कहना है कि अधिक मतदान ही मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहचान है और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही स्थानीय विकास को नई दिशा मिल सकती है।

