हरियाणा सरकार ने नूंह और महेंद्रगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने को मंजूरी देकर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
हरियाणा सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नूंह और महेंद्रगढ़ जिलों में नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने का फैसला किया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर रुख न करना पड़े।
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा नूंह जिले के गांव खोरीकलां में उप-स्वास्थ्य केंद्र तथा महेंद्रगढ़ जिले के गांव खातोदड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई है। इन दोनों स्वास्थ्य केंद्रों के शुरू होने से आसपास के गांवों के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। लंबे समय से दूरदराज क्षेत्रों के लोग प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य जांच के लिए भी कई किलोमीटर दूर स्थित अस्पतालों पर निर्भर रहते थे। नए स्वास्थ्य केंद्रों के खुलने से अब स्थानीय स्तर पर ही उपचार और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को उसके घर के निकट बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। उन्होंने बताया कि इन स्वास्थ्य केंद्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, सामान्य बीमारियों का उपचार, प्राथमिक जांच और आवश्यक दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार लगातार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कार्य कर रही है। राज्य में नए अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था ही स्वस्थ और समृद्ध समाज की नींव होती है।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दूर करने के लिए सरकार चरणबद्ध तरीके से नई योजनाएं लागू कर रही है। इसके अंतर्गत डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने, दवाइयों की आपूर्ति सुनिश्चित करने और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी। इससे गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार संभव हो सकेगा। साथ ही गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को भी समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आने की संभावना है।
स्थानीय लोगों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब नए स्वास्थ्य केंद्रों के शुरू होने से लोगों को छोटी बीमारियों के इलाज के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में प्रदेश के अन्य ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर तेजी से काम किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि लोगों को जल्द से जल्द लाभ मिल सके।
हरियाणा सरकार का यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर होने की उम्मीद है।

