हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने प्रशासनिक अधिकारियों को ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसेवा के प्रति समर्पण के साथ कार्य करने का संदेश दिया।
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने वर्ष 2025 बैच के नव नियुक्त प्रशासनिक अधिकारियों को सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के प्रति समर्पण का संदेश देते हुए उन्हें जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। लोक भवन में आयोजित शिष्टाचार भेंट कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने हरियाणा कैडर आवंटित युवा अधिकारियों के साथ विस्तार से संवाद किया और उन्हें प्रशासनिक सेवा की गरिमा बनाए रखने की सलाह दी।
इस अवसर पर वर्ष 2025 बैच के छह प्रशासनिक प्रशिक्षु अधिकारियों ने राज्यपाल से मुलाकात की। बातचीत के दौरान राज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक पद नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करें तथा आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य करें।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासनिक तंत्र की सफलता जनता के विश्वास पर आधारित होती है। इसलिए अधिकारियों को अपने कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य आम नागरिकों तक योजनाओं और सेवाओं का समयबद्ध और प्रभावी लाभ पहुंचाना है।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी सलाह दी कि वे केवल नियमों के पालन तक सीमित न रहें, बल्कि संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण के साथ जनता की समस्याओं को समझें और समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। राज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी समाज के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक होते हैं और उनके निर्णयों का सीधा प्रभाव आम नागरिकों के जीवन पर पड़ता है।
also read : हरियाणा बना देश का पहला पूर्ण डिजिटल महाधिवक्ता कार्यालय, विधिक व्यवस्था में तकनीकी क्रांति की शुरुआत
राज्यपाल ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे अपने कार्यक्षेत्र में जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करें और प्रशासनिक कार्यों में नवाचार तथा पारदर्शिता को बढ़ावा दें।
इस दौरान राज्यपाल ने अधिकारियों को प्रशासनिक सेवा में आने वाली चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक ईमानदार और समर्पित अधिकारी समाज में विश्वास और सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनता है।
बैठक में राज्यपाल के सचिव विजय कुमार भाविकट्टी, कार्मिक, प्रशिक्षण एवं संसदीय कार्य विभाग के सचिव पंकज तथा प्रशासनिक प्रशिक्षु अधिकारी अमिततेज पांगटे, मुस्कान श्रीवास्तव, शिवानी पांचाल, सोहम शैलेंद्र, विशाल सिंह और विवेक यादव उपस्थित रहे।
युवा अधिकारियों ने राज्यपाल से मुलाकात को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि उन्हें प्रशासनिक सेवा के मूल उद्देश्यों और जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिला। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे जनता की सेवा और राज्य के विकास के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करेंगे।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम युवा अधिकारियों को सेवा के मूल मूल्यों और जिम्मेदारियों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे अधिकारियों में जनसेवा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।
हरियाणा सरकार लगातार प्रशासनिक तंत्र को मजबूत और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। ऐसे में युवा अधिकारियों को सुशासन और पारदर्शिता का संदेश देना राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक उत्तरदायी तथा प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

