हरियाणा कैबिनेट ने NEP 2020 के तहत कक्षा 1 में प्रवेश की न्यूनतम आयु 5 से बढ़ाकर 6 वर्ष करने के संशोधन को मंजूरी दी।
हरियाणा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए कक्षा-प्रथम में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु सीमा को बढ़ाकर 6 वर्ष करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में इस महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई।
NEP 2020 के तहत लिया गया फैसला
यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप लिया गया है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में स्कूली प्रवेश आयु में एकरूपता सुनिश्चित करना है।
अब तक हरियाणा विद्यालय शिक्षा नियम 2003 के तहत कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 5 वर्ष निर्धारित थी, जिसे संशोधित कर 6 वर्ष या उससे अधिक कर दिया गया है।
नए नियम कब से होंगे लागू?
इस बदलाव को हरियाणा विद्यालय शिक्षा (संशोधन) नियम 2026 के नाम से लागू किया जाएगा।
- ये नियम राजपत्र में प्रकाशित होते ही प्रभावी हो जाएंगे
- सभी सरकारी और निजी स्कूलों को इनका पालन करना होगा
पहले जारी हो चुके थे निर्देश
शिक्षा विभाग पहले ही 29 मार्च 2024 को जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों, स्कूल प्रमुखों और प्राचार्यों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर चुका है, ताकि नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सके।
also read : हरियाणा में ग्रामीण जल प्रबंधन को नई दिशा: CM नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में O&M नीति को मंजूरी, पंचायतों को मिलेगी बड़ी भूमिका
क्यों जरूरी था यह बदलाव?
सरकार के अनुसार, इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य:
- पूरे देश में प्रवेश आयु का मानकीकरण
- बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के अनुरूप शिक्षा
- प्रारंभिक शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाना
अभिभावकों और स्कूलों पर असर
इस फैसले के बाद:
- अब 6 साल से कम उम्र के बच्चों को कक्षा 1 में प्रवेश नहीं मिलेगा
- अभिभावकों को एडमिशन प्लानिंग में बदलाव करना होगा
- स्कूलों को भी नए आयु मानदंड के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया अपनानी होगी
शिक्षा प्रणाली में बड़ा सुधार
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव बच्चों की सीखने की क्षमता और समझ को बेहतर बनाएगा, क्योंकि उचित उम्र में स्कूल शुरू करने से उनकी बुनियाद मजबूत होती है। हरियाणा सरकार का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन को लागू करने और शिक्षा प्रणाली को अधिक संतुलित व प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

