हरियाणा कैबिनेट ने जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण जल आपूर्ति के लिए नई O&M नीति को मंजूरी दी, ग्राम समितियों को मिलेगा संचालन का अधिकार।
हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए नई ‘ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) नीति’ को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस नीति को हरी झंडी दी गई, जो जल जीवन मिशन (JJM) के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार की गई है।
पंचायत आधारित जल प्रबंधन मॉडल लागू
नई नीति के तहत अब ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली को विकेंद्रीकृत और सहभागी मॉडल के तहत संचालित किया जाएगा। इसमें ग्राम पंचायत स्तर पर ‘ग्राम जल और सीवरेज समिति’ (VWSC) का गठन किया जाएगा, जो जल आपूर्ति के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी।
सरकार-समुदाय साझेदारी पर फोकस
यह पूरी व्यवस्था सरकार-समुदाय भागीदारी (GCP) मॉडल पर आधारित होगी।
- पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (PHED) तकनीकी सहायता देगा
- पंचायत स्तर पर समितियां जल आपूर्ति की निगरानी करेंगी
- स्थानीय स्तर पर समस्याओं का तेजी से समाधान होगा
VWSC की अहम जिम्मेदारियां
ग्राम स्तर पर बनी VWSC समितियां:
- हर घर तक साफ पानी की सप्लाई सुनिश्चित करेंगी
- पाइपलाइन लीकेज और खराबियों की मरम्मत करेंगी
- जल वितरण प्रणाली की निगरानी करेंगी
- पानी के बिल का संग्रह और प्रबंधन करेंगी
हालांकि, बिजली बिल, नए इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टाफ की जिम्मेदारी PHED के पास ही रहेगी।
डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शिता
नई नीति में BISWAS बिलिंग सॉफ्टवेयर के जरिए डेटा प्रबंधन और बिलिंग की व्यवस्था होगी, जिसे सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) सदस्य संचालित करेंगे।
- शिकायतों का निपटारा राइट टू सर्विस एक्ट के तहत होगा
- पानी की गुणवत्ता जांच और रिकॉर्ड में पारदर्शिता रखी जाएगी
also read : हरियाणा के छात्रों को बड़ी राहत: कक्षा 1 से 8 तक मुफ्त किताबों के लिए 45.05 करोड़ मंजूर
गांवों का वर्गीकरण और लागू होने की तारीख
राज्य के गांवों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
- सिंगल पंचायत योजना
- मल्टीपल पंचायत योजना
- महाग्राम योजना
- 1 अप्रैल 2026: सिंगल पंचायत योजनाओं में लागू
- 1 अप्रैल 2027: मल्टीपल पंचायत और महाग्राम में लागू
हरियाणा के कुल 6721 गांवों में से:
- 4583 गांव सिंगल पंचायत श्रेणी में
- 2138 गांव मल्टीपल/महाग्राम श्रेणी में आते हैं
पंचायतों को मिलेगा वित्तीय प्रोत्साहन
इस नीति के तहत पंचायतों को पानी के बिल से मिलने वाले राजस्व के बराबर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे:
- जल प्रबंधन में स्थानीय भागीदारी बढ़ेगी
- राज्य पर वित्तीय बोझ कम होगा
- सिस्टम की स्थिरता और जवाबदेही मजबूत होगी
जल प्रबंधन में बड़ा बदलाव
सरकार का मानना है कि इस नई नीति से:
- जल आपूर्ति की गुणवत्ता सुधरेगी
- शिकायतों का समाधान तेजी से होगा
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वामित्व की भावना बढ़ेगी
हरियाणा की यह नई O&M नीति ग्रामीण जल प्रबंधन को स्मार्ट, पारदर्शी और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बन सकती है।

