ग्रेटर नोएडा के किसानों को जल्द बड़ा तोहफा मिल सकता है। जमीन मुआवजा ₹6,400 प्रति वर्गमीटर तक बढ़ने की उम्मीद, बोर्ड बैठक में होगा अंतिम फैसला।
ग्रेटर नोएडा में जमीन अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। जमीन के मुआवजे की दर में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी की तैयारी चल रही है। प्रस्ताव के मुताबिक किसानों को जमीन के लिए ₹6,400 प्रति वर्गमीटर या इससे अधिक मुआवजा मिल सकता है। हालांकि, नई दर पर अंतिम फैसला ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लिया जाएगा।
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने बुधवार को मुआवजा दर को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को रक्षाबंधन के मौके पर बड़ा तोहफा मिल सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुआवजा दर ₹6,400 प्रति वर्गमीटर से अधिक भी हो सकती है।
मौजूदा दर से ₹2,275 की बढ़ोतरी संभव
यदि मुआवजे की नई दर ₹6,400 प्रति वर्गमीटर तय होती है, तो वर्तमान दर की तुलना में किसानों को ₹2,275 प्रति वर्गमीटर अधिक मुआवजा मिलेगा। यह ग्रेटर नोएडा में मुआवजा दर में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि हो सकती है।
इससे पहले प्रदेश की पिछली सरकार के दौरान मुआवजा दर को ₹1,300 से बढ़ाकर ₹3,500 प्रति वर्गमीटर किया गया था। इसके पीछे उद्देश्य किसानों से जमीन सीधे कॉलोनाइजर को बेचने के बजाय प्राधिकरण के माध्यम से जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को बढ़ावा देना था।
यमुना प्राधिकरण की नई दर से बढ़ा दबाव
ग्रेटर नोएडा में मुआवजा बढ़ाने की मांग के पीछे यमुना प्राधिकरण की दरों का भी बड़ा असर है। शासन ने वर्ष 2025 में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जमीन के मुआवजे की दर ₹4,300 प्रति वर्गमीटर तय की थी।
इसके बाद ग्रेटर नोएडा के किसानों ने भी मुआवजा बढ़ाने की मांग तेज कर दी। बाद में यमुना प्राधिकरण ने अपनी दर को बढ़ाकर ₹4,558 प्रति वर्गमीटर कर दिया। इससे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर भी मुआवजा दर में बढ़ोतरी का दबाव बढ़ गया।
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अगले महीने हो सकती है प्राधिकरण की बोर्ड बैठक
मुआवजा दर में बदलाव को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक अभी तक नहीं हो सकी है। अब इसके अगले महीने आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है।
नई दर को लागू करने के लिए बोर्ड की मंजूरी जरूरी होगी। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शासन स्तर पर बातचीत भी हो चुकी है।
भूमि खरीद और अधिग्रहण पर भी हो सकता है फैसला
मुआवजे की दर के साथ किसानों से जमीन खरीदने या अधिग्रहण करने की प्रक्रिया को लेकर भी फैसला आने की उम्मीद है। इसके अलावा आबादी भूखंडों के विकास से संबंधित व्यवस्था और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के बचे हुए किसानों को 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देने के मुद्दे पर भी निर्णय संभव है। इन फैसलों का सीधा असर उन किसानों पर पड़ सकता है जिनकी जमीन प्राधिकरण की विकास योजनाओं में शामिल है।
₹6,400 के प्रस्ताव पर किसानों में नाराजगी
हालांकि, प्रस्तावित ₹6,400 प्रति वर्गमीटर की दर सामने आने के बाद किसान संगठनों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा के मुताबिक, बाजार की मौजूदा कीमतों को देखते हुए यह दर अभी भी पर्याप्त नहीं है।
किसान संगठन का तर्क है कि अगर प्राधिकरण किसानों से इस दर पर जमीन लेता है, तो आगे चलकर कॉलोनाइजर उसी जमीन को कहीं अधिक कीमत पर बेच सकते हैं। ऐसे में किसान प्राधिकरण को जमीन देने के बजाय सीधे बाजार दर पर जमीन बेचने को प्राथमिकता दे सकते हैं।
किसानों को अंतिम फैसले का इंतजार
फिलहाल ग्रेटर नोएडा के किसानों की नजर प्राधिकरण की आगामी बोर्ड बैठक पर है। यदि बोर्ड ₹6,400 या इससे अधिक की मुआवजा दर को मंजूरी देता है, तो किसानों को मौजूदा दर की तुलना में बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय होने तक प्रस्तावित दर को निश्चित नहीं माना जा सकता।

